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दांत में हो रहा है दर्द तो हल्‍के में न लें, पायरिया के हो सकते हैं शिकार

February 08, 2026

नई दिल्ली। आज की खराब जीवन शैली और केमिकल युक्त टूथपेस्ट करने से दांत में दर्द, मसूड़ों मे सूजन, पायरिया और दांतों में कीड़ा लगना जैसी कई प्रकार की समस्‍या होना सामान्‍य जैसा हो गया है । जिसके कारण दांत समय से पहले ही कमजोर होकर टूटने लगते हैं। ऐसे में इन सभी समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। क्योंकि ऐसा करने से आप ना सिर्फ अपने दातों (Teeth) को नुकसान पहुंचा सकते हैं। आज इस लेख के माध्‍यम से हम आपको बतानें जा रहें हैं पायरिया के बारें में तो आइये जानतें हैं । 

मसूड़ों (Gums) में खून आना भी आम समस्या बन गया है। इस स्थिति में मसूड़ों (Gums) में सूजन आ जाती है, अक्सर ब्रश करते दौरान भी मसूड़ों में खून आने लगता है। इस स्थिति को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए,क्योंकि यह दांतों (Teeth) में पायरिया (Pyorrhea)  होने के लक्षण हैं। पायरिया (Pyorrhea)  से धीरे-धीरे दांत की हड्डी गलने लगती है।

क्या है पायरिया: 
पायरिया (Pyorrhea) दांतों (Teeth) की वह बीमारी है, जो मसूड़ों को बुरी तरह से प्रभावित करता है। यह समस्या दांतों (Teeth) की ठीक से सफाई नहीं करने, पूरे दिन कुछ ना कुछ खाते रहने से होती है। इसमें मसूड़ों (Gums) से खून और मवाद आना, सांसों से बदबू आना, दांतों में दर्द होने लगता है और साथ ही दांत पीले पड़ने लगते हैं। पायरिया (Pyorrhea)  का सही समय पर इलाज करना बेहद जरूरी है ऐसा नहीं करने से बाद में यह बड़ी समस्या बन जाती है। समय से पहले ही दांत गिरने लगते हैं।

 पायरिया (Pyorrhea) से छुटकारा: 
पायरिया (Pyorrhea)  का इलाज घर पर ही संभव है। इस समस्या से निजात पाने के लिए नियमित रूप से दांतों (Teeth) की सफाई करनी चाहिए, साथ ही रात को सोने से पहले ब्रश अवश्य करना चाहिए। हालांकि, यह याद रखें कि रात में ब्रश करने के बाद कुछ न खाएं।



  • यह उपाये होंगे फायदेमंद
    पायरिया (Pyorrhea) को ठीक करने के लिए सरसों के तेल में नमक मिलाकर उसे रोजाना दांतों (Teeth) पर अच्छी तरह से मलें। इससे पायरिया (Pyorrhea)  धीरे-धीरे कम होने लगता है। इसके साथ ही नींबू के रस का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। क्योंकि नींबू में एंटीबैक्टीरियल और एंटीइंफ्लेमेटरी गुणों होते हैं। जिससे दांतों (Teeth) में संक्रमण नहीं होता और मसूढ़ों में सूजन की समस्या भी खत्म हो जाती है।

    इसके साथ ही जामुन की छाल का काढ़ा बनाकर खाने के बाद उससे कुल्ला करना चाहिए, यह पायरिया को ठीक करने में काफी मददगार साबित हो सकता है। हफ्ते में कम-से-कम तीन दिन नीम दातून का इस्तेमाल करें। नीम का तेल भी पायरिया में लाभदायक साबित होता है।

    नोट– उपरोक्‍त दी गई जानकारी व सुझाव सामान्‍य जानकारी के लिए हैं इन्‍हें किसी प्रोफेशनल डॉक्‍टर की सलाह के रूप में न समझें । कोई भी बीमारी या परेशानी हो तो डॉक्‍टर की सलाह जरूर ले । 

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