
भर्ती के लिए प्रतिदिन कई लोग आ रहे, एमटीएच में अस्पताल के बाहर से ही भगाया
इंदौर। रविवार को मंत्री तुलसीराम सिलावट (Tulsiram Silavat) ने एमवाय अस्पताल (MY Hospital) में कोविड के मरीजों को भर्ती करने को कहा था, लेकिन चार दिन हो जाने के बाद भी यहां इलाज की कोई व्यवस्था शुरू नहीं हुई है। प्रतिदिन यहां कोविड के मरीज आ रहे है, लेकिन उन्हें दूसरे अस्पतालों में भेजा जा रहा है।
शहर में कोविड के मरीजों के लिए सुविधाएं जुटाने और मरीजों के लिए बेड उपलब्ध कराने के लिए मंत्री सिलावट ने एमवायएच में भी 300 बिस्तर आरक्षित करने का कहा था, ताकि शहर में बेड की संख्या बढ़ाई जाए, लेकिन इस प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल में तीन दिन बाद भी कोविड के मरीजों की भर्ती शुरू नहीं हो पाई है। यहां आने वाले कई मरीज दर-दर भटकने को तैयार है। यह भी नहीं बताया जा रहा है कि यहां कब तक कोरोना के मरीज भर्ती हो सकेंगे। बताया जा रहा है कि अभी पांचवीं मंजिल के आईसीयू में काफी गंभीर मरीज है, जब तक उन्हें डिस्चार्ज नहीं किया जाता तब तक कोविड के मरीजों की भर्ती नहीं हो पाएगी। चौथी मंजिल पर भी बौनमेरो यूनिट बनी है। वहीं चाचा नेहरू अस्पताल (Chacha Nehru Hospital) में भी कोविड केयर सेंटर स्थापित किया गया है, वहां जिन्हें आक्सीजन की जरूरत नहीं है, ऐसे मरीजों की भर्ती की जा रही है।
सास लेने में हो रही थी तकलिफ, फिर भी एमटीएच में भी नहीं मिली जगह
मंगलवार को एमटीएच अस्पताल (MTH Hospital) में मरीजों की भर्ती बंद कर दी गई थी। कई लोग यहां भर्ती होने के लिए आए, एंबुलेंस (Ambulance) भी काफी समय तक खड़ी रही, लेकिन सभी को वापस लौटना पड़ा। जूनी इंदौर से आई एक महिला को सास लेने में दिक्कत हो रही थी, वह पहले एमवाय अस्पताल पहुंची, वहां से उन्हें सुपर स्पेशलिटी की गई, लेकिन वहां भी जगह नहीं होने का कहकर जाने को कहा। फिर एमटीएच में भी काफी देर इंतजार कराने मना कर दिया गया। आखिरकार उन्हें बिना इलाज के घर ही जाना पड़ा। दिन भर में कई एंबुलेंस भी अस्पतालों में आई, लेकिन सिर्फ पहचान वालों को ही प्रवेश मिल सका।
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