
- सीधी एसपी के कार्रवाई को सही ठहराया तो आईजी को देनी पड़ी सफाई
भोपाल। सीधी कोतवाली में 9 युवकों को अर्धनग्न करने एवं मारपीट के मामले में मंत्रालय के दखल के बाद टीआई एवं एसाआई को लाइन अटैच किया गया है। गृह विभाग के अफसरों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को भी घटनाक्रम से अवगत कराया। मुख्यमंत्री भी सीधी पुलिस की इस तरह की कार्यप्रणाली से नाखुश हैं। हालांकि सीधी एसपी मुकेश श्रीवास्तव ने पहले कोतवाली पुलिस की कार्रवाई को सही ठहराया। बाद में रीवा आईजी ने सफाई दी और पुलिस वालों को लाइन अटैच कर दिया था।
दरअसल, सीधी कोतवाली में एक पत्रकार समेत 9 लोगों केा अर्धनग्न करने के फोटो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद देश भर में प्रदेश सरकार की किरकिरी हुई। खासकर मप्र पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे। सीधी मामले की जानकारी जब सोशल मीडिया से गृह विभाग के अफसरों तक पहुंची तो अपर मुख्य सचिव गृह राजेश राजौरा ने डीजीपी समेत अन्य अफसरों के साथ इस मसले पर चर्चा की। गृह विभाग ने पुलिस कार्रवाई के तरीके को गलत माना और संबंधित पुलिस वालों पर कार्रवाई के लिए कहा गया। पीएचक्यू ने तत्काल रीवा आईजी उमेश जोगा को इसके निर्देश दिए। जोगा ने टीआई एवं एसआई को लाइन अटैच किया और खुद सोशल मीडिया पर इसकी सूचना जारी की। आईजी ने एसपी द्वारा दी गई प्रतिक्रिया का खंडन भी किया।