
संभल: जिले में आम खाने के विवाद में एक महिला की हत्या (murder of woman) और जानलेवा हमले के मुकदमे की 29 साल तक चली सुनवाई के बाद जिला न्यायालय (District Courts) के अपर सत्र न्यायाधीश ने 3 आरोपियों को उम्र कैद की सजा और 2 आरोपियों को 10- 10 साल की कैद की सजा सुनाई है. 29 साल तक चली इस केस की सुनवाई के दौरान 4 आरोपियों मौत भी हो चुकी है.
आम के बाग में जमीन पर पड़े सिर्फ 1 आम को नाबालिग बच्चे द्वारा उठाकर खाने के विवाद में महिला की हत्या कर दी गई थी. मामला संभल जिले के बनियाठेर थाना (Baniyather police station of Sambhal district) इलाके के जमालपुर गांव का है. शासकीय अधिवक्ता हरि ओम प्रकाश ने बताया कि 1991 में जमालपुर गांव में एक नाबालिक बच्चे द्वारा आम के बाग में जमीन पर पड़ा आम खाने के बाद में दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई थी.
इसमें एक पक्ष की महिला की पीट पीट कर हत्या कर दी गई थी. इस मारपीट और झगड़े में दूसरे पक्ष के भी कई लोग घायल हुए थे. दोनों ही पक्षों की ओर से इस मामले में रिपोर्ट दर्ज (report filed) कराई गई थी. इस मामले में दोनों ही पक्ष के लोगों ने एक दूसरे के खिलाफ कोर्ट में भी केस दायर किया था. जिसकी सुनवाई लगभग 29 वर्षों से न्यायालय में चल रही थी.
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने महिला की हत्या के आरोप में दूसरे पक्ष के तीन आरोपियों रामबहादुर, श्योराम और भूरा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई. वहीं दूसरे पक्ष के साबिर और निजामुद्दीन को 10-10 साल की कैद की सजा के साथ ही 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया.
केस में आम खाने वाले नाबालिक सूरज को भी आरोपी बनाया गया था, घटना के दौरान सूरज नाबालिग था इसलिए सूरज का मामला किशोर न्यायालय में अभी विचाराधीन है. जबकि 29 साल तक कोर्ट में चले इस मुकदमे की सुनवाई के दौरान एक पक्ष के तीन आरोपियों और दूसरे पक्ष के एक आरोपी की मृत्यु भी हो चुकी है.
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