
भोपाल। आर्थिक तंगी का सामना कर रहे भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड को एक बार फिर टिकट काटने वाली एजेंसी चलो मोबिलिटी करोड़ों का घाटा लगाने की तैयारी में है। चलो मोबिलिटी से पुरानी वसूली की बजाय अफसर टिकट एजेंसी को रियायत देने की तैयारी कर रहे हैं। टेंडर शर्त के बावजूद एजेंसी बीसीएलएल को तय दर का भुगतान नहीं कर रही है। बस किराए में ढाई गुना तक बढ़ोत्तरी की जा चुकी है। इसके बाद भी जहां बीसीएलएल तंगी से बेहाल है जबकि टिकट एजेंसी चलो मोबिलिटी को करोड़ों की छूट दी जा रही है।
टेंडर शर्तों के मुताबिक चलो मोबिलिटी कंपनी द्वारा लाल बसों में टिकट काटा जाता है। प्रति किमी 31.10 रुपए के हिसाब से कंपनी रॉयल्टी बीसीएलएल के खाते में जमा करवाती है और बाकी पैसा बतौर मुनाफा कमाती है। टेंडर के अनुसार कंपनी को एक साल बाद रॉयल्टी दर में 6 प्रतिशत की वृद्धि करनी थी, लेकिन चलो कंपनी घाटे की बात कहकर अब अगले 6 साल तक दरें ऐसे ही रखना चाहती है।
कंपनी ने बीते चार महीने का 20 लाख रुपए भी बीसीएलएल के खाते में जमा नहीं किया है। कंपनी से बजाए वसूली करने के अब अफसर प्रस्ताव बना रहे हैं ताकि वृद्धि से छूट दी जा सके। चलो से पैसा लेकर बीसीएलएल को बस चलाने वाले ऑपरेटर मां कंपनी के खाते में जमा करना था लेकिन बीसीएलएल अब अपनी जेब से ये पैसा ऑपरेटर को देने की तैयारी में है। इस स्थिति में चलो कंपनी सालाना करोड़ों के मुनाफे और बीसीएलएल घाटे में आ जाएगी।
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