
नई दिल्ली । उपमुख्यमंत्री अजित पवार (Ajit Pawar) के अंतिम संस्कार के बाद अब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के अस्तित्व और भविष्य को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। पार्टी के भीतर एक बड़ा धड़ा चाहता है कि अजित पवार की पत्नी और राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार (Sunetra Pawar) को पार्टी अध्यक्ष और विधायक दल का नेता नियुक्त किया जाए। लेकिन, यदि तकनीकी अड़चनें या राजनीतिक समीकरण आड़े आते हैं तो अनुभवी नेता प्रफुल्ल पटेल (Praful Patel) इस जिम्मेदारी को संभालने के सबसे बड़े दावेदार माने जा रहे हैं।
अजित पवार के समर्थक चाहते हैं कि उनकी विरासत उनके परिवार के पास ही रहे। सुनेत्रा पवार फिलहाल राज्यसभा सदस्य हैं और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच उनकी स्वीकार्यता है। कुछ नेताओं ने तो उन्हें महाराष्ट्र का अगला उपमुख्यमंत्री बनाने का सुझाव भी दिया है। हालांकि, राजनीति के पेचीदा दांव-पेचों को देखते हुए पार्टी का एक वर्ग किसी अनुभवी चेहरे की तलाश में है।
अगर सुनेत्रा पवार के नाम पर सहमति नहीं बनती है तो प्रफुल्ल पटेल सबसे मजबूत विकल्प हैं। उनके पक्ष में कई महत्वपूर्ण कारक काम कर रहे हैं। प्रफुल्ल पटेल को राजनीति का ‘ट्रबलशूटर’ माना जाता है। जब एनसीपी में फूट पड़ी थी तब कानूनी पेचीदगियों और चुनाव आयोग की लड़ाई को पर्दे के पीछे से उन्होंने ही संभाला था। शरद पवार के करीबी रहने के कारण वे उनके हर दांव की काट बखूबी जानते हैं।
यूपीए सरकार में नागरिक उड्डयन मंत्री रहे पटेल के संबंध सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों के शीर्ष नेताओं से हैं। बीजेपी नेतृत्व के साथ उनके अच्छे तालमेल ने ही एनडीए में अजित पवार गुट की प्रासंगिकता बनाए रखी। 4 बार लोकसभा और 6 बार राज्यसभा सांसद रहे पटेल का अनुभव विशाल है। उन्हें 2005 में एविएशन मिनिस्टर ऑफ द ईयर जैसे सम्मानों से नवाजा जा चुका है। चुनाव के समय संसाधन जुटाने से लेकर गठबंधन सहयोगियों के साथ ‘हार्ड बारगेनिंग’ करने तक, पटेल को इस खेल का माहिर खिलाड़ी माना जाता है।
एनसीपी के सामने सबसे बड़ी चुनौती शरद पवार के प्रभाव का सामना करना और आगामी चुनावों में अपनी साख बचाए रखना है। पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि केवल प्रफुल्ल पटेल जैसा अनुभवी व्यक्ति ही महाराष्ट्र के जटिल राजनीतिक समीकरणों के बीच पार्टी की नैया पार लगा सकता है। फिलहाल, गेंद पार्टी की कोर कमेटी के पाले में है। क्या एनसीपी भावना (सुनेत्रा पवार) को चुनेगी या अनुभव (प्रफुल्ल पटेल) को, यह आने वाले कुछ दिन साफ कर देंगे।
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