
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार (Uttar Pradesh’s Yogi government) राज्य को भ्रष्टाचार (Corruption) मुक्त बनाने में जुटी है. इसी को लेकर सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है. दरअसल सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों से संपत्ति का ब्यौरा मांगा था. कुछ ने ब्यौरा दे भी दिया, जबकि 68 हजार कर्मचारियों सरकार के इस आदेश पर गौर नहीं किया.
योगी सरकार ने आदेश का उल्लंघन करने वाले करीब 68 हजार कर्मचारियों की सैलरी रोक दी है. सरकार का आदेश है कि जब तक ये कर्मचारी अपनी संपत्ति का ब्यौरा नहीं देते हैं तब तक उन्हें सैलरी नहीं दी जाएगी. इससे पहले मुख्य सचिव के स्पष्ट आदेश पर सभी ने अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्योरा शनिवार तक नहीं दिया था. माना जा रहा है कि सभी कर्मचारी अब सरकार के एक्शन के बाद जल्द ही अपनी संपत्ति का ब्यौरा सरकार को दे देंगे.
उत्तर प्रदेश में 8,66,261 सरकारी कर्मचारी
सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956 के नियम-24 के तहत प्रदेश के 8,66,261 पिछले वर्ष 2025 तक की चल-अचल संपत्ति का ब्योरा 31 जनवरी तक मानव संपदा पोर्टल पर देना था. सभी विभागों के नोडल अधिकारी और आहरण-वितरण अधिकारियों को बकाएदा निर्देश दिए गए थे. साथ ही बताया गया था कि 31 जनवरी तक संपत्ति का विवरण अपलोड न करने वालों का सैलरी रोक दी जाए. बताया जा रहा है कि इस आदेश के बाद भी 68,236 राज्यकर्मियों ने शनिवार रात तक अपनी संपत्ति का ब्योरा मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड नहीं किया. इनमें संपत्ति का ब्यौरा नहीं बताने वालों में सर्वाधिक 34,926 राज्यकर्मी तृतीय श्रेणी वाले हैं.
इन विभागों के कई कर्मचारियों ने नहीं दिया ब्यौरा
इसके अलावा 22,624 राज्यकर्मी चतुर्थ श्रेणी जबकि द्वितीय श्रेणी के 7204 और प्रथम श्रेणी के 2628 अधिकारी हैं. 1612 अन्य कार्मिकों में से भी 854 ने अपनी संपत्ति नहीं बताई है जिससे इनका भी सैलरी रुकेगी. कुल कर्मचारियों में से जिन आठ प्रतिशत कर्मचारियों ने अपनी संपत्ति के बारे में शनिवार तक जानकारी नहीं दी है उनमें लोक निर्माण, राजस्व, बेसिक व माध्यमिक शिक्षा, समाज कल्याण, महिला कल्याण, सहकारिता, आबकारी, खाद्य रसद, चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण अभियंत्रण, उद्यान, पशुधन, परिवहन विभाग आदि प्रमुख हैं.
जनवरी माह का सैलरी फरवरी में नहीं मिलेगी
बताया जा रहा है कि जिन कर्मचारियों ने संपत्ति का ब्यौरा नहीं दिया है अब उन्हें जनवरी माह का सैलरी फरवरी में नहीं मिलेगी. गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मुख्य सचिव एसपी गोयल की ओर से विभागाध्यक्षों, कार्यालयाध्यक्षों और शासन के अधिकारियों को पिछले दिनों निर्देश दिए गए थे कि सभी राज्यकर्मी अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्योरा 31 जनवरी तक मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड करें. भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टालरेंस नीति के मद्देनजर योगी सरकार राज्य के सरकारी कर्मचारियों की चल-अचल संपत्ति का ब्योरा जुटाने को लेकर बेहद गंभीर है.
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