
सतना। सतना जिले के नागौद क्षेत्र में एक अनोखी और यादगार शादी देखने को मिली, जहां एक पिता ने अपनी बेटी का सपना पूरा करने के लिए उसकी विदाई हेलीकॉप्टर से कराई। आमतौर पर दुल्हन की विदाई डोली या कार से होती है, लेकिन इस बार दुल्हन हेलीकॉप्टर से ससुराल रवाना हुई। यह अनोखी विदाई पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई और इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे। विदाई का यह दृश्य लोगों के लिए बेहद खास और आकर्षक रहा।
जानकारी के अनुसार, नागौद क्षेत्र के ग्राम ब्यौहारी निवासी मृगेंद्र सिंह मंटू की पुत्री मृगांशी सिंह ने अपनी शादी से पहले पिता से इच्छा जताई थी कि उसकी विदाई कुछ अलग और यादगार हो। उसने कहा था कि वह डोली या कार से नहीं बल्कि हेलीकॉप्टर से विदा होना चाहती है। बेटी की इस इच्छा को पिता ने अपना संकल्प बना लिया और उन्होंने लड़के पक्ष से चर्चा कर हेलीकॉप्टर की व्यवस्था कराई। पिता मृगेंद्र सिंह ने बताया कि बेटी की खुशी उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण है, इसलिए उन्होंने हर संभव प्रयास कर उसका सपना पूरा किया।
मृगांशी सिंह का विवाह शहडोल जिले के ग्राम धमनीगढ़ी निवासी कुंवर अंजय सिंह नन्हू के पुत्र कुंवर आदित्य सिंह के साथ तय हुआ था। बारात मंगलवार को नागौद पहुंची, जहां हरि सदन शांति प्रकाश छाया ब्यौहारी हाउस में विवाह समारोह आयोजित किया गया। विवाह कार्यक्रम पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में रिश्तेदार, परिजन और क्षेत्र के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। पूरे समारोह में उत्साह और खुशी का माहौल बना रहा।
बुधवार सुबह विदाई के समय विवाह स्थल के पास अस्थायी हेलीपैड बनाया गया था। जैसे ही हेलीकॉप्टर पहुंचा, वहां मौजूद लोगों में उत्सुकता बढ़ गई। दुल्हन जब हेलीकॉप्टर में बैठकर विदा हुई तो यह पल सभी के लिए भावुक और यादगार बन गया। हेलीकॉप्टर उड़ते ही लोगों ने तालियां बजाकर नवविवाहित जोड़े को शुभकामनाएं दीं। कई लोगों ने इस अनोखी विदाई का वीडियो और फोटो अपने मोबाइल फोन में कैद किया।
हेलीकॉप्टर से हुई यह विदाई पूरे नागौद और आसपास के क्षेत्रों में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग इसे एक पिता के प्यार और बेटी के सपनों को पूरा करने का अनोखा उदाहरण बता रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी इस शादी के वीडियो और तस्वीरें तेजी से वायरल हो रहे हैं और लोग इसे “पापा की परी की उड़नखटोले वाली विदाई” के नाम से साझा कर रहे हैं। यह अनोखी शादी इस बात का उदाहरण बन गई कि अगर पिता ठान ले तो वह अपनी बेटी की खुशी के लिए हर संभव प्रयास कर सकता है। इस विशेष विदाई ने शादी समारोह को और भी यादगार बना दिया।
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