
सीहोर। मध्यप्रदेश के सीहोर में खेली जानी वाली नवाबी होली (Nawabi Holi) को अब महादेव होली के नाम से खेली जाएगी। नवाबी होली की परंपरा को प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा (Pradeep Mishra) ने बदल दिया है। अब वह महादेव की होली कहलाएगी।
भगवान शिव के साथ होली मनानी चाहिए
दरअसल पंडित प्रदीप मिश्रा ने बताया कि सीहोर में दशकों से ‘नवाबी होली’ मनाने की परंपरा चली आ रही थी। इतिहास आजादी से पहले भोपाल के नवाब होली के दूसरे दिन (भाई दूज पर) सीहोर आकर होली खेलते थे, जिसे ‘नवाबी होली’ कहा जाता था। यह परंपरा 2021 तक जारी रही। पंडित मिश्रा ने इस परंपरा को बदलकर इसे ‘महादेव की होली’ का नाम दिया। उन्होंने आह्वान किया कि हिंदू समाज को अपनी जड़ों की ओर लौटना चाहिए और भगवान शिव के साथ होली मनानी चाहिए।
विश्व युद्ध और भविष्यवाणियां
पंडित प्रदीम मिश्रा ने विश्व की वर्तमान स्थिति और तीसरे विश्व युद्ध (World War III) की संभावनाओं पर भी चर्चा की। उन्होंने आध्यात्मिक दृष्टिकोण से संकेत दिया कि यदि मानवता ने धर्म और भक्ति का मार्ग नहीं अपनाया, तो विनाशकारी परिस्थितियां बन सकती हैं। उनका कहना है कि भगवान की भक्ति ही वह कवच है जो आने वाले संकटों से रक्षा कर सकती है। उन्होंने शिव भक्तों को जातियों में न बंटने की सलाह दी और कहा कि महादेव सबके हैं-चाहे वह अमीर हो या गरीब, इंसान हो या पशु-पक्षी। उन्होंने कहा कि दुनिया के सारे रंग फीके पड़ सकते हैं, लेकिन शिव भक्ति का रंग कभी नहीं उतरता।
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