img-fluid

अमेरिका ने कहा- भारत को नहीं मिलेगी चीन जैसी छूट, ट्रंप के मंत्री ने दिखाया 20 साल पुराना डर

March 06, 2026

नई दिल्ली। अमेरिका (America) के उप विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडौ (Deputy Secretary of State Christopher Landau) ने गुरुवार को स्पष्ट कर दिया कि अमेरिका भारत (India) को वह आर्थिक छूट या फायदे नहीं देगा, जो उसने 20 साल पहले चीन (China) को दिए थे। चीन ने उन छूटों का फायदा उठाकर अब अमेरिका का एक बड़ा व्यापारिक और आर्थिक प्रतिद्वंद्वी बन गया है। लैंडौ के इस बयान से यह साफ संकेत मिलता है कि अमेरिका भारत के साथ चल रहे व्यापार समझौते में पूरी सतर्कता बरत रहा है।

रायसीना डायलॉग में चेतावनी
भारत के प्रमुख भू-राजनीतिक और भू-आर्थिक सम्मेलन ‘रायसीना डायलॉग’ में बोलते हुए क्रिस्टोफर लैंडौ ने कहा कि अमेरिका भारत की असीमित संभावनाओं को साकार करने के लिए उसके साथ काम करना चाहता है, लेकिन भारत को यह समझना होगा कि अमेरिका पुरानी गलतियों से सीख चुका है। उन्होंने कहा, “हम भारत के साथ वह गलती नहीं दोहराने जा रहे हैं जो हमने 20 साल पहले चीन के साथ की थी। तब कहा गया कि चीन इन बाजारों को विकसित करेगा, और बाद में उसने कई व्यावसायिक मोर्चों पर हमें पछाड़ दिया। हम सुनिश्चित करेंगे कि जो भी कदम उठाएं, वह हमारे नागरिकों के लिए निष्पक्ष हो।”


  • ऊर्जा संकट में सहयोग का प्रस्ताव
    मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण ईंधन की आपूर्ति और भंडारण पर खतरा मंडराते हुए, अमेरिका ने भारत को ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग की पेशकश की है। लैंडौ ने कहा कि अमेरिका भारत की अल्पकालिक और दीर्घकालिक ऊर्जा चुनौतियों से निपटने के लिए साथ मिलकर काम करने को तैयार है।

    तटस्थ रुख और टैरिफ में कटौती
    भारत ने मध्य-पूर्व के विवाद में किसी भी पक्ष का समर्थन किए बिना तटस्थ रुख अपनाया है। इसी दौरान अमेरिका और भारत के बीच व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिया जा रहा है, जिसकी बातचीत राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल से चल रही थी। वाशिंगटन ने पिछले महीने भारतीय सामानों पर आयात शुल्क (टैरिफ) को 50% से घटाकर 18% कर दिया है।

    भारत की व्यापारिक विविधता और आत्मनिर्भरता
    जब अमेरिका भू-राजनीतिक वार्ताओं में ‘टैरिफ’ का इस्तेमाल एक हथियार के रूप में कर रहा है, भारत अपनी आर्थिक वृद्धि को संतुलित करने और अमेरिकी निर्भरता कम करने की रणनीति अपना रहा है। इसी तहत भारत ने कई अन्य देशों और यूरोपीय संघ के साथ भी अहम व्यापार समझौते किए हैं, ताकि व्यापारिक विविधता और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित हो।

    ‘विन-विन’ सिचुएशन पर जोर
    अंत में, क्रिस्टोफर लैंडौ ने कहा कि द्विपक्षीय संबंधों और साझा हितों को मजबूत रखना दोनों देशों के लिए फायदेमंद है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत के साथ सहयोग ऐसे अवसर खोल सकता है, जो दोनों देशों के लिए ‘विन-विन’ सिचुएशन साबित होंगे।

    Share:

  • MP: अशोकनगर में लॉरेंस गैंग का गुर्गा गिरफ्तार... मांगी थी 10 करोड़ की फिरौती...व्यापारी के घर फेंकें बम

    Fri Mar 6 , 2026
    अशोकनगर। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की अशोकनगर पुलिस (Ashok Nagar Police) ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग (Lawrence Bishnoi Gang) के खतरनाक गुर्गे को गिरफ्तार कर एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है। राजस्थान (Rajasthan) के रहने वाले आरोपी ने शहर के एक व्यापारी से 10 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। आरोपी ने फिरौती नहीं […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved