
इंदौर। इंदौर नगर निगम के द्वारा धार रोड को एरोड्रम रोड से जोडऩे के लिए बनाई जाने वाली सडक़ का अब राजस्व विभाग के द्वारा सर्वे शुरू किया गया है। इसमें हर मकान के संपत्ति कर खाते के माध्यम से मकान मालिक को चिन्हित किया जाएगा। निगम के अधिकारियों का कहना है कि मकान मालिक के स्थान पर किसी गलत व्यक्ति के नाम पर नोटिस जारी होने से रोकने के लिए यह पूरी पहल की जा रही है।
पश्चिमी रिंग रोड का निर्माण नहीं होने के कारण नगर निगम के द्वारा वैकल्पिक सडक़ के रूप में धार रोड को एरोड्रम रोड से जोडऩे के लिए चंदन नगर से सडक़ बनाने का फैसला लिया गया। राज्य सरकार के द्वारा गजट नोटिफिकेशन जारी करके इस सडक़ को मास्टर प्लान में शामिल किया गया। नगर निगम के द्वारा इस सडक़ का सर्वे किया जा चुका है। इस सर्वे के अनुसार 350 से ज्यादा मकान इस सडक़ के कारण प्रभावित होंगे। सडक़ के निर्माण का आधार शुरू करने के लिए इंदौर नगर निगम के द्वारा सभी मकानों को नोटिस जारी कर उनसे मकान की मल्कीयत के दस्तावेज मांगे जाना है।
यह नोटिस जारी करने से पहले अब निगम के द्वारा एक नया कदम उठाया गया है। इसके तहत नगर निगम के इंजीनियरों के द्वारा तैयार की गई मकान और उनके मालिक की सूची को परीक्षण के लिए निगम के राजस्व विभाग के अधिकारियों को सौंप दिया गया है। इस पूरी सडक़ के मार्ग में नगर निगम के जोनल कार्यालय क्रमांक 15 और 20 का क्षेत्र आता है। इन दोनों जोनल कार्यालय के सहायक राजस्व अधिकारियों को यह सूची दी गई है। उनसे कहा गया है कि सूची में दर्ज किए गए मकान के संपत्ति कर के खाते चेक करके उनके असली मालिकों के नाम दर्ज करके दें।
जिन मकानों के संपत्ति कर के खाते नहीं होंगे उनके नाम भी इस सर्वे से स्पष्ट हो जाएंगे। इसके साथ ही कौन सा मकान कितना बड़ा है और किसका है तथा उसकी संपत्ति का कब से दिया या नहीं दिया जा रहा है यह सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा। इस बारे में नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि निगम के द्वारा दस्तावेज पेश करने के लिए दिया जाने वाला नोटिस किसी गलत व्यक्ति के नाम पर जारी नहीं हो जाएं। योजना के क्रियान्वयन में बाधा पैदा कर सकता है। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए नगर निगम के द्वारा यह कदम उठाया गया है।
निगम के कार्य की गति धीमी
इस सडक़ के निर्माण के मामले में इंदौर नगर निगम के द्वारा अत्यंत धीमी गति के साथ काम किया जा रहा है। राज्य सरकार के द्वारा 15 फरवरी को गजट नोटिफिकेशन जारी करते हुए इस सडक़ को मास्टर प्लान में शामिल किया गया था। इसके बाद से अब तक एक महीना होने आ रहा है लेकिन निगम के द्वारा कोई आगे की कार्रवाई नहीं की गई है।
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