
नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में युद्ध (War in the Middle East) का आज 7वां दिन है। अमेरिका और इजरायल ईरान पर लगातार हमला कर रहे हैं। वहीं ईरान भी लगातार जवाबी कार्रवाई कर रहा है। इससे दुनिया के व्यापार पर भी बड़ा असर पड़ा है। इस मामले में भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बड़ा बयान दिया है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य या संपूर्ण फारस की खाड़ी क्षेत्र वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है। जब इस क्षेत्र में कोई व्यवधान या रुकावट आती है, तो इसका सीधा असर तेल और गैस की आपूर्ति पर पड़ता है। कहा कि ये अनिश्चितताएं अर्थव्यवस्था और वैश्विक व्यापार को सीधे प्रभावित करती हैं। वर्तमान स्थिति काफी जटिल हो गई है, और ऐसा लगता है कि भविष्य में यह और भी डायनामिक हो जाएगी।
दरअसल, राजनाथ सिंह शुक्रवार को कोलकाता दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने व्याख्यान को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना की तत्परता, ऑपरेशन सिंदूर जैसी सफल कार्रवाइयां और आत्मनिर्भरता की दिशा में उठाए गए कदम, ये सभी इस बात के सूचक हैं कि भारत का रक्षा क्षेत्र सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। यही हमारा संकल्प, हमारी दिशा और हमारा विश्वास है।
कहा कि आज जरूरत है निरंतरता, समन्वय और सामूहिक बुद्धिमत्ता की। अगर हम सब मिलकर अपने समुद्री दृष्टिकोण को आगे बढ़ाएं, तो मुझे विश्वास है कि आने वाले वर्षों में भारत न केवल अपने हितों की रक्षा करेगा, बल्कि वैश्विक समुद्री स्थिरता में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा। कहा कि भारत के रक्षा क्षेत्र में सार्वजनिक क्षेत्र को प्राथमिकता दी गई है। चल रहे परिवर्तनों को ध्यान में रखते हुए, जिनमें से कुछ पर मैंने अभी चर्चा की, और गुणात्मक और मात्रात्मक रूप से हमारे रक्षा उत्पादन को मजबूत करने के उद्देश्य से, कई संरचनात्मक और नीतिगत सुधार लागू किए गए हैं। इनसे दक्षता, जवाबदेही और प्रतिस्पर्धात्मकता में वृद्धि हुई है।
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