तेहरान/नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव (Rising tensions in West Asia) के बीच ईरान में फंसे भारतीयों (Indians stranded in Iran) को सुरक्षित बाहर निकालने का अभियान तेजी से जारी है। भारत सरकार (Indian Govt) ने बताया कि अब तक सैकड़ों नागरिक पड़ोसी देशों के जरिए ईरान से बाहर निकल चुके हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इंटर-मिनिस्ट्री ब्रीफिंग में जानकारी देते हुए कहा कि करीब 550 भारतीय जमीनी रास्ते से आर्मेनिया पहुंचे हैं, जबकि लगभग 90 नागरिक अजरबैजान में प्रवेश कर चुके हैं।
तीर्थयात्री और छात्र भी सुरक्षित निकाले गए
सरकार के मुताबिक, 284 भारतीय तीर्थयात्रा के लिए ईरान गए थे, जिनमें से कुछ पहले ही भारत लौट चुके हैं, जबकि बाकी को जल्द वापस लाने की तैयारी है। इसके अलावा तेहरान में मौजूद भारतीय छात्रों को भी एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
दूतावास कर रहा लगातार समन्वय
तेहरान स्थित भारतीय दूतावास पूरी तरह सक्रिय है और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर राहत कार्यों का समन्वय कर रहा है। केंद्र सरकार राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के संपर्क में है, जबकि हेल्पलाइन के जरिए नागरिकों की सहायता जारी है।
खाड़ी देशों से बढ़ाई गई उड़ानें
अधिकारियों ने बताया कि संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, ओमान और कतर से सोमवार को ही 45 उड़ानें भारत पहुंचने वाली हैं। 28 फरवरी से अब तक करीब 2.2 लाख भारतीय इन क्षेत्रों से वापस लौट चुके हैं।
कतर का हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से खुलने के बाद वहां से उड़ानें फिर शुरू हो गई हैं, जबकि कुवैत का एयरस्पेस अभी भी बंद है। आने वाले दिनों में और विशेष उड़ानें शुरू होने की उम्मीद जताई गई है।
अन्य देशों से भी निकासी जारी
बहरीन और इराक में फंसे भारतीयों को सऊदी अरब के रास्ते निकाला जा रहा है।
इस बीच सोहर में दो भारतीय नागरिकों की मौत की भी पुष्टि हुई है। मस्कट स्थित भारतीय दूतावास पीड़ित परिवारों के संपर्क में है और जल्द ही शव भारत लाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
सरकार ने भरोसा दिलाया है कि विदेश में फंसे हर भारतीय की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved