
जबलपुर। राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 30 पर यातायात को सुगम बनाने के लिए खजरी खिरिया बायपास पर प्रस्तावित ओवरब्रिज का निर्माण कार्य अब अप्रैल के प्रथम सप्ताह से धरातल पर उतरेगा। डिजाइन और ड्राइंग के अंतिम चयन में हुए विलंब के कारण इस परियोजना की शुरुआत में देरी हुई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी एनएचएआई द्वारा इस महत्वपूर्ण पुल का निर्माण कराया जा रहा है। परियोजना की कुल लागत 22 करोड़ रुपये है और इसकी लंबाई लगभग 900 मीटर तय की गई है। इस ब्रिज के बन जाने से हाईवे पर चलने वाले भारी और तेज रफ्तार वाहनों को सीधा रास्ता मिल जाएगा, जिससे स्थानीय यातायात और हाईवे ट्रैफिक के बीच होने वाली दुर्घटनाओं की संभावना न्यूनतम हो जाएगी। ब्रिज के नीचे से खजरी खिरिया और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोग सुरक्षित रूप से आवाजाही कर सकेंगे।
डिजाइन में होना है तकनीकी सुधार
ओवरब्रिज के निर्माण में सबसे बड़ी बाधा इसकी ड्राइंग और डिजाइन को लेकर थी। तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा ब्रिज के नक्शे में कुछ आवश्यक सुधार किए गए हैं, जो अब पूरी तरह से फाइनल हो चुके हैं। प्रोजेक्ट डायरेक्टर अब उस एजेंसी के साथ बैठक करेंगे जिसने इस निर्माण का ठेका लिया है। इस बैठक में निर्माण कार्य की चरणबद्ध रणनीति तैयार की जाएगी। वर्तमान में खजरी खिरिया चौक के दोनों ओर 500-500 मीटर के दायरे में कार्यक्षेत्र चिन्हित किया गया है। निर्माण शुरू होते ही इस पूरे हिस्से में मुख्य मार्ग को यातायात के लिए पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। अधिकारियों का लक्ष्य है कि निर्माण की गति को तेज रखकर निर्धारित समय सीमा के भीतर ढांचे को खड़ा किया जाए ताकि बारिश के बाद ब्रिज के मुख्य हिस्से को वाहनों के लिए खोला जा सके।
चार माह तक मुख्य मार्ग बंद रहेगा
जैसे ही ठेका लेने वाली कंपनी मौके पर मशीनें और संसाधन उतारेगी, हाईवे के मुख्य मार्ग को लगभग चार महीने के लिए बंद कर दिया जाएगा। इस अवधि के दौरान खजरी खिरिया बायपास से गुजरने वाले सभी प्रकार के वाहनों को सर्विस रोड की ओर मोड़ा जाएगा। एनएचएआई ने स्पष्ट किया है कि निर्माण अवधि के दौरान मुख्य मार्ग पर किसी भी वाहन का प्रवेश वर्जित रहेगा। यातायात के सुचारु संचालन के लिए पर्याप्त संख्या में बैरिकेडिंग की जाएगी और सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे। प्रोजेक्ट डायरेक्टर अमृत लाल साहू के अनुसार, निर्माण कार्य की शुरुआत के साथ ही ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू हो जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में स्थानीय पुलिस और प्रशासन का सहयोग भी लिया जाएगा ताकि हाईवे पर लंबा जाम न लगे।
अवैध वाहन हटाने की बड़ी चुनौती
ट्रैफिक डायवर्जन लागू करने की राह में सर्विस रोड पर मौजूद अवैध कब्जे और वहां खड़े रहने वाले वाहन सबसे बड़ी रुकावट बने हुए हैं। वर्तमान में सर्विस रोड के किनारों पर कई दुकानदारों ने अतिक्रमण कर रखा है और बड़ी संख्या में भारी वाहन वहां पार्क किए जाते हैं। इससे सड़क की चौड़ाई कम हो गई है। एनएचएआई की टीम ने अब इन कब्जों को हटाने की तैयारी शुरू कर दी है। प्राधिकरण का कहना है कि डायवर्जन शुरू होने से पहले पूरी सर्विस रोड को खाली कराया जाएगा ताकि बस और ट्रक जैसे बड़े वाहन बिना रुके निकल सकें। यदि समय रहते इन अवैध कब्जों को नहीं हटाया गया, तो निर्माण कार्य के दौरान बायपास पर भीषण जाम की स्थिति निर्मित हो सकती है।
मरम्मत के बिना सर्विस रोड पर वाहनों का संचालन जोखिम भरा
राष्ट्रीय राजमार्ग 30 पर चल रहे 190 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों के बीच वर्तमान सर्विस रोड की हालत अत्यंत जर्जर हो चुकी है। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे उभर आए हैं, जिससे वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। स्थानीय निवासियों और राहगीरों ने चेतावनी दी है कि यदि इसी स्थिति में डायवर्जन लागू किया गया, तो हादसों की संख्या बढ़ सकती है। भारी वाहनों के दबाव से जर्जर सर्विस रोड और अधिक धंस सकती है। ग्रामीणों की मांग है कि मुख्य मार्ग को बंद करने से पहले एनएचएआई को सर्विस रोड का डामरीकरण या उचित मरम्मत कार्य कराना चाहिए। उखड़ी हुई सड़क पर धूल और कीचड़ की समस्या भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, जिसका समाधान निर्माण शुरू होने से पहले अनिवार्य है।
फ्लाईओर बनने से स्थानीय लोगों और हाईवे ट्रैफिक को मिलेगी राहत
खजरी खिरिया बायपास पर इस ओवरब्रिज का निर्माण क्षेत्रीय विकास और सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत आवश्यक माना जा रहा है। वर्तमान में स्थानीय ग्रामीणों को हाईवे पार करने में काफी जोखिम उठाना पड़ता है क्योंकि वहां वाहनों की रफ्तार बहुत तेज होती है। 900 मीटर लंबे इस ब्रिज के तैयार होने के बाद स्थानीय आबादी नीचे के हिस्से का उपयोग कर सकेगी, जबकि लंबी दूरी का ट्रैफिक बिना रुके ऊपर से निकल जाएगा। एनएचएआई का प्रयास है कि मानसून सत्र से पहले पिलर और स्लैब का अधिकतम काम पूरा कर लिया जाए ताकि बारिश के बाद फिनिशिंग का काम कर इसे जनता को समर्पित किया जा सके। इस ब्रिज के बन जाने से जबलपुर के बायपास हिस्से पर यातायात का दबाव काफी कम हो जाएगा।
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