नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव (Rising tensions in West Asia) को देखते हुए पायलटों के संगठन ‘एयरलाइन पायलट्स एसोसिएशन इंडिया (Alpa) ने उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में उड़ान संचालन अस्थायी रूप से रोकने की मांग उठाई है। संगठन ने नागर विमानन मंत्रालय और नागर विमानन मंत्रालय और विमानन नियामक डीजीसीए (DGCA) से केंद्रीय स्तर पर जोखिम का आकलन होने तक उड़ानें निलंबित करने का आग्रह किया है।
एल्पा इंडिया ने कहा कि संघर्ष वाले क्षेत्रों में उड़ान भरने से पहले चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। संगठन ने युद्ध जोखिम बीमा को अनिवार्य करने की मांग करते हुए कहा कि ऐसे क्षेत्रों में उड़ान भरने वाले सभी पायलटों और क्रू के लिए वैध बीमा कवरेज तुरंत लागू किया जाए और उसका सत्यापन भी किया जाए।
कई एयरलाइनों ने सीमित की उड़ानें
United States, Israel और Iran से जुड़े तनाव के कारण पश्चिम एशिया के हवाई मार्ग प्रभावित हुए हैं। इसके चलते कई एयरलाइनों ने अपनी उड़ानें सीमित कर दी हैं।
डीजीसीए को लिखे पत्र में संगठन ने कहा कि वाणिज्यिक एयरलाइनों के पास संघर्ष क्षेत्रों से जुड़े खतरों का सही आकलन करने के लिए पर्याप्त खुफिया और भू-राजनीतिक विश्लेषण क्षमता नहीं होती, इसलिए नियामक एजेंसी को तत्काल समीक्षा कर दिशा-निर्देश जारी करने चाहिए।
संगठन ने अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बाध्यकारी दिशानिर्देश जारी करने की मांग भी की है। साथ ही Air India के संचालन संबंधी निर्णयों की जांच करने की भी बात कही गई है, ताकि यह तय किया जा सके कि कहीं चालक दल और यात्रियों को अनावश्यक जोखिम में तो नहीं डाला गया।
एल्पा इंडिया ने इससे पहले 18 मार्च को भी चालक दल और यात्रियों के लिए युद्ध जोखिम बीमा सुनिश्चित करने की मांग उठाई थी।
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