
उज्जैन। घरेलू गैस सिलेंडरों की अवैध बिक्री पर जिला प्रशासन द्वारा की गई सख्ती का असर अब दिखाई देने लगा है। पिछले दो सप्ताह से सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित रहने के साथ ही अवैध रूप से गैस के वितरण पर प्रभावी रोक लगाए जाने के कारण एजेंसियों से घर-घर सिलेंडर पहुंचाने वाले हॉकरों की तादात कम होने लगी है।
हाल यह है कि एक गैस एजेंसी में 20 से अधिक हाकर सक्रिय रहते थे, जो घर-घर सिलेंडर पहुँचाने के साथ-साथ अवैध रूप से गैस की सप्लाई भी करते थे, लेकिन अब यह संख्या घटकर लगभग आधी रह गई है। इधर जिला प्रशासन के साथ पुलिस और खाद्य विभाग की लगातार निगरानी और कार्रवाई के चलते हाकरों के लिए एलपीजी सिलेंडर की अवैध गतिविधियों को जारी रखना मुश्किल हो गया है। इस वजह से अब जिले में अवैध बिक्री करने वालों का धंधा मंदा हो गया है। गैस एजेंसियों से जुड़े जानकार बताते हैं कि हॉकरों की कमाई का एक बड़ा हिस्सा घरेलू गैस सिलेंडरों के दुरुपयोग से जुड़ा हुआ था। घरेलू उपयोग के लिए मिलने वाले सिलिंडरों की गैस को अवैध रूप से ऑटो, होटल, ढाबों और छोटे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में खपाया जाता था। इसके बदले हाकरों को प्रति सिलेंडर अच्छा-खासा कमीशन मिलता था, जिससे यह अवैध नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था। जिला प्रशासन द्वारा की गई सख्ती में गैस एजेंसियों और वितरण केंद्रों की नियमित जांच, संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई शामिल है। गैस वितरण एजेंसियों को दिए जाने वाले सिलेंडर को उपभोक्ता तक पहुंचाने की जिम्मेदारी होती है। कंपनियों द्वारा रखे गए हाकर इस काम को करते हैं, इसके बदले में एजेंसियों को जो कमीशन मिलता है, उससे ही इनका वेतन निकलता है। हालांकि अवैध गैस सिलेंडर सप्लाई पर की गई सख्ती का एक असर यह भी देखने को मिल रहा है कि एलपीजी सिलेंडरों की सप्लाई प्रभावित हो रही है। जिला प्रशासन का कहना है कि उपभोक्ताओं के घर तक सिलेंडर न पहुंचने की जानकारी सामने आई है। बेहरहाल, यह स्थिति अस्थायी है और जल्द ही सप्लाई व्यवस्था सामान्य होने पर उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। प्रशासन भी इस दिशा में प्रयासरत है कि वैध उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध हो सके और किसी को अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।
घर तक पहुँचाने के नियम और कार्रवाई
उपभोक्ता की बुकिंग होने के बाद संबंधित एजेंसी का हाकर उपभोक्ता के घर तक सिलेंडर पहुंचाता है। इसके बदले में उसे एजेंसी की तरफ से भुगतान मिलता है, लेकिन यह उपभोक्ता से भी पैसे लेते हैं। सिलेंडर बुक होने के कम से कम दो से तीन दिनों के भीतर पहुंचाना होता है, जो इस समय नहीं हो रहा।
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