
जगतियाल: तेलंगाना के जगतियाल जिले के एक गांव ने मिलावटी आइसक्रीम के खिलाफ सख्त कदम उठाया है. मेटला चित्तपुर गांव में अब आइसक्रीम के ठेलों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है. नियमों का उल्लघन कर गांव में आइसक्रीम बेचने वाले ठेलों पर 5000 रुपए जुर्माना लगाया जाएगा.
जानकारी के अनुसार, मेटपल्ली मंडल के मेटला चित्तपुर गांव में बुजुर्गों और ग्रामीणों ने बैठक कर यह निर्णय लिया कि गांव में आइसक्रीम के ठेले नहीं आने दिए जाएंगे. इसके लिए गांव के प्रवेश मार्गों और मुख्य चौराहों पर बड़े-बड़े बैनर भी लगाए गए हैं. बैनर पर साफ लिखा है कि ‘गांव में आइसक्रीम बेचने पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगेगा’.
ग्रामीणों का कहना है कि बाजार में बिकने वाली कई सस्ती आइसक्रीम गंदे माहौल में तैयार की जाती है. इनमें रंग और स्वाद के लिए हानिकारक केमिकलों का इस्तेमाल होता है, जो बच्चों की सेहत के लिए खतरनाक होते हैं.
गांव के बुजुर्गों के मुताबिक, ऐसी आइसक्रीम खाने के बाद बच्चे अक्सर बीमार पड़ जाते हैं. इसी वजह से बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए यह कड़ा फैसला लिया गया.
गांव में लगाए गए बैनर और जुर्माने की चेतावनी वाले पोस्टर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं. आसपास के गांवों के लोग भी इस पहल की सराहना कर रहे हैं. कई लोगों का मानना है कि मिलावटी खाद्य पदार्थों से होने वाली बीमारियों को रोकने के लिए इस तरह के सख्त कदम जरूरी हैं.
यह फैसला सिर्फ एक गांव का नियम नहीं, बल्कि खाद्य सुरक्षा और बच्चों की सेहत को लेकर बढ़ती जागरूकता का उदाहरण माना जा रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों का स्वास्थ्य किसी भी स्वाद या सुविधा से ज्यादा महत्वपूर्ण है.
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