
नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष (Vedic Astrology) में शुक्र (Venus) को प्रेम, सुख, सुविधा और धन का कारक माना जाता है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, 6 अप्रैल 2026 को शुक्र अश्विनी नक्षत्र (Ashwini Nakshatra) से निकलकर भरणी नक्षत्र (Bharani Nakshatra) में प्रवेश करेंगे। भरणी नक्षत्र के स्वामी स्वयं शुक्र हैं, लेकिन इस नक्षत्र का स्वभाव उग्र माना गया है।
भरणी नक्षत्र में गोचर की अवधि
शुक्र भरणी नक्षत्र में 6 अप्रैल से 15 अप्रैल तक रहेंगे और फिर 16 अप्रैल को कृतिका नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। इस दौरान कुछ राशियों के लिए आर्थिक और व्यक्तिगत मोर्चे पर चुनौतियां पैदा हो सकती हैं।
इन 4 राशियों पर पड़ेगा नकारात्मक प्रभाव
वृषभ राशि (Taurus)
वृषभ राशि के स्वामी स्वयं शुक्र हैं, लेकिन भरणी नक्षत्र में उनका गोचर अनावश्यक खर्च बढ़ा सकता है। इस समय सुख-सुविधा की वस्तुओं पर अधिक धन खर्च होने की संभावना है। निवेश या बड़े आर्थिक फैसलों में जल्दबाजी न करें और 15 अप्रैल तक प्रतीक्षा करना बेहतर रहेगा।
कन्या राशि (Virgo)
कन्या राशि वालों के लिए शुक्र का गोचर मिला-जुला रहेगा। कार्यस्थल पर सहकर्मियों के साथ मतभेद हो सकते हैं और सुख-सुविधाओं में अचानक कमी मानसिक तनाव बढ़ा सकती है। खान-पान पर ध्यान रखें और जीवनसाथी से बातचीत में मधुरता बनाए रखें।
वृश्चिक राशि (Scorpio)
वृश्चिक राशि वालों के लिए शत्रु सक्रिय हो सकते हैं और सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकते हैं। प्रेम संबंधों में गलतफहमी के कारण खटास आने की संभावना है। किसी पर आंख मूंदकर भरोसा न करें और विवादों से दूरी बनाए रखें।
मीन राशि (Pisces)
मीन राशि वालों के लिए शुक्र का गोचर धन के मामले में उतार-चढ़ाव वाला हो सकता है। इस समय उधार देना या बड़ा कर्ज लेना हानिकारक हो सकता है। धन के अटकने के योग हैं, इसलिए किसी भी बड़े आर्थिक निर्णय से पहले परिवार के बुजुर्गों की सलाह लें।
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