
जबलपुर। महाकुंभ के दौरान सोशल मीडिया पर चर्चित हुई मोनालिसा एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार मामला उसके अंतर्धार्मिक विवाह और उम्र विवाद को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट पहुंच गया है। मोनालिसा और उसके पति फरमान ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर खुद को नाबालिग बताए जाने की कार्रवाई को चुनौती दी है।
मार्च में केरल में हुई थी शादी
याचिका के अनुसार मोनालिसा ने इसी वर्ष मार्च माह में केरल में फरमान से विवाह किया था। विवाह के बाद यह मामला उस समय विवादों में आ गया जब मोनालिसा के पिता ने उसकी उम्र को लेकर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने मोनालिसा को नाबालिग माना था। इसके बाद मध्यप्रदेश पुलिस ने फरमान के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया। हालांकि, फरमान को राहत देते हुए केरल हाईकोर्ट ने 20 अप्रैल को उसकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी।
साजिश के तहत बदला गया रिकॉर्ड
मोनालिसा की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि सरकारी रिकॉर्ड में उसकी वास्तविक जन्मतिथि से छेड़छाड़ की गई। याचिकाकर्ताओं का दावा है कि यह सब विवाह को अवैध साबित करने और सामाजिक दबाव बनाने के उद्देश्य से किया गया। याचिका में यह भी कहा गया है कि एक बालिग महिला के व्यक्तिगत निर्णय को लव जिहाद जैसे शब्दों से जोड़कर अनावश्यक विवाद खड़ा किया गया, जिससे उसकी निजता और संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन हुआ है।
आने वाले दिनों में सुनवाई संभव
सूत्रों के अनुसार हाईकोर्ट में इस मामले पर आने वाले दिनों में सुनवाई हो सकती है। मामले में उम्र निर्धारण, दस्तावेजों की वैधता और पुलिस कार्रवाई जैसे कई महत्वपूर्ण कानूनी पहलुओं पर बहस होने की संभावना है। फिलहाल यह मामला प्रदेश में अंतर्धार्मिक विवाह, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सरकारी रिकॉर्ड की विश्वसनीयता को लेकर नई बहस का विषय बन गया है।
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