ढाका। बांग्लादेश (Bangladesh) में नई सरकार बनने के बाद उसकी विदेश और रक्षा नीति में तेज बदलाव देखने को मिल रहे हैं। प्रधानमंत्री तारिक रहमान (Tarique Rahman) के नेतृत्व में ढाका एक ओर (India) से रिश्ते सुधारने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी ओर Pakistan और Turkey के साथ भी सैन्य व रणनीतिक संपर्क बढ़ा रहा है।
बांग्लादेश की सैन्य खुफिया एजेंसी (DGFI) के प्रमुख मेजर जनरल Mohammad Qaiser Rashid Chowdhury ने हाल ही में नई दिल्ली का अघोषित दौरा किया। आधिकारिक तौर पर इसे मेडिकल यात्रा बताया गया, लेकिन इस दौरान उनकी मुलाकात राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार Ajit Doval, Research and Analysis Wing के प्रमुख Parag Jain और सैन्य खुफिया महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल R. S. Raman से हुई बताई जा रही है।
ISI से भी संपर्क
दिल्ली दौरे के करीब एक महीने बाद DGFI प्रमुख Islamabad पहुंचे, जहां उन्होंने पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों और Inter-Services Intelligence के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि यह दो दिवसीय आधिकारिक दौरा था, जिसमें खुफिया सहयोग और सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा हुई।
भारत-बांग्लादेश रक्षा संवाद
इसी दौरान M. Riaz Hamidullah ने भारतीय सेना प्रमुख Upendra Dwivedi से नई दिल्ली में मुलाकात की। दोनों पक्षों ने रक्षा सहयोग, संयुक्त प्रशिक्षण और क्षेत्रीय शांति पर चर्चा की।
तुर्की से भी बढ़ती साझेदारी
30 मार्च से 2 अप्रैल तक ढाका में बांग्लादेश-तुर्की सेना स्टाफ वार्ता आयोजित हुई, जिसमें रक्षा सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। बताया जा रहा है कि ढाका सेना के आधुनिकीकरण के लिए तुर्की को अहम साझेदार मान रहा है, खासकर ड्रोन और रक्षा उपकरणों के क्षेत्र में।
संतुलन की रणनीति?
विशेषज्ञों का मानना है कि बांग्लादेश एक ‘बैलेंसिंग एक्ट’ अपनाने की कोशिश कर रहा है—एक ओर भारत की सुरक्षा चिंताओं को ध्यान में रखते हुए संवाद, तो दूसरी ओर पाकिस्तान और तुर्की के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाकर विकल्प खुले रखना। फिलहाल भारतीय सुरक्षा एजेंसियां इस पूरी गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं।
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