
डेस्क: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीजिंग से रवाना होने के 7 दिन बाद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी चीन पहुंचे. बीजिंग में ट्रंप की तरह ही पुतिन का भी भव्य स्वागत किया गया. ट्रंप के लिए एयरपोर्ट पर जिस तरह रेड कार्पेट बिछाई गई थी, उसी तरह पुतिन के लिए भी बिछाई गई. लेकिन पुतिन के स्वागत के दौरान चीन ने राजनयिक प्रोटोकॉल में बदलाव कर दिया. ट्रंप को लेने चीन के उपराष्ट्रपति गए थे, जबकि पुतिन को लेने के लिए विदेश मंत्री को भेजा गया. इसके बाद एक सवाल बीजिंग से लेकर मॉस्को और वाशिंगटन तक उठने लगा है कि चीन ने स्वागत में ट्रंप और पुतिन, दोनों में से किसे अधिक तरजीह दी?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने रक्षा और विदेश मंत्री के साथ 13 से 15 तक चीन यात्रा पर गए. ट्रंप जब बीजिंग एयरपोर्ट पर उतरे तो उनके स्वागत के लिए रेड कार्पेट बिछाया गया था. ट्रंप के स्वागत के लिए चीन के उपराष्ट्रपति आए थे. इसके अलावा विदेश विभाग के उप मंत्री भी स्वागत के लिए एयरपोर्ट पर गए थे. इसके अगले दिन ट्रंप ने चीन के राष्ट्रपति से मुलाकात की. जहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. इस दौरान दोनों देशों के बीच कुछ डील पर भी चर्चा हुई, लेकिन इसका विवरण साझा नहीं किया गया. आखिर में जिनपिंग ट्रंप को लेकर एक गार्डन में गए, जिसे ट्रंप ने काफी खास बताया था.
रूस के राष्ट्रपति पुतिन 19 मई को चीन पहुंचे हैं. एयरपोर्ट पर उन्हें लेने के लिए विदेश मंत्री वांग यी खुद गए थे. पुतिन अपने विदेश मंत्री लावरोव और कुछ उद्योगपतियों के साथ बीजिंग गए हैं. यहां पर पुतिन जिनपिंग के साथ कुल 40 समझौते हस्ताक्षर करेंगे. इनमें चीन से रूस तक रेल चलाने का भी एक समझौता है. पुतिन के साथ वार्ता में जिनपिंग ने जंगलराज का जिक्र किया है. इसी के साथ उन्होंने मिडिल ईस्ट को लेकर भी लाल रेखा खिंच दी है. दोनों नेताओं ने बहुध्रुवीय वैश्विक व्यवस्था की बात कही है.
दोनों में से किसे मिला ज्यादा सम्मान?
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