img-fluid

MP के अमीर विधायक करेंगे ‘जनता टेस्ट’, 51% से कम समर्थन मिला तो छोड़ेंगे कुर्सी, ढाई साल बाद लेंगे फीडबैक

April 06, 2026

कटनी। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सबसे संपन्न विधायकों (MLA) में गिने जाने वाले संजय सतेंद्र पाठक (Sanjay Satendra Pathak) ने अपनी राजनीतिक शैली में एक बार फिर बड़ा प्रयोग करने का ऐलान किया है। विजयराघवगढ़ विधानसभा (Vijayraghavgarh Assembly) से बीजेपी विधायक पाठक ने कहा है कि वे अपने कार्यकाल के ढाई साल पूरे होने पर जनता के बीच जाकर अपना मूल्यांकन कराएंगे। खास बात यह है कि यदि उन्हें 51 प्रतिशत से कम समर्थन मिला, तो वे विधायक पद से इस्तीफा दे देंगे।

दरअसल, पाठक अपने क्षेत्र में जनता के बीच अपनी स्वीकार्यता को परखना चाहते हैं। इसी के चलते उन्होंने मंच से घोषणा करते हुए कहा कि ढाई साल के कार्यकाल के बाद वे ‘जनादेश’ के जरिए जनता से सीधा फीडबैक लेंगे।

जनता के फैसले पर टिकी रहेगी कुर्सी
नगर परिषद कैमोर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पाठक ने साफ कहा कि यह तय होना चाहिए कि वे विधायक बने रहने के योग्य हैं या नहीं। इसके लिए वे एक विशेष प्रक्रिया के तहत जनता से राय लेंगे। अगर उन्हें 51 प्रतिशत से अधिक समर्थन मिलता है, तो वे पद पर बने रहेंगे, अन्यथा इस्तीफा दे देंगे।


  • घर-घर जाकर लेंगे फीडबैक, खुद करेंगे ‘क्रॉस चेक’
    विधायक ने बताया कि वे खुद जनता के बीच जाएंगे और हर घर तक पहुंचकर पूछेंगे कि क्या वे सेवा के योग्य हैं। उन्होंने कहा कि संभवतः मई-जून में यह प्रक्रिया शुरू होगी, जिसमें लोगों से सीधे सवाल किया जाएगा कि उन्हें विधायक बने रहना चाहिए या नहीं।

    2023 में भी कर चुके हैं ऐसा प्रयोग
    इससे पहले 2023 विधानसभा चुनाव से पहले भी पाठक ‘जनादेश’ नाम से ऐसा ही एक प्रयोग कर चुके हैं। उस समय चार दिनों तक वोटिंग चली थी, जिसमें 75 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं ने उनके चुनाव लड़ने के पक्ष में समर्थन दिया था। करीब 2.33 लाख मतदाताओं वाले क्षेत्र में 1.37 लाख से ज्यादा लोगों ने मतदान किया था। इनमें से लगभग 1.03 लाख मतदाताओं ने समर्थन में वोट दिया, जबकि करीब 30 हजार लोगों ने विरोध में मतदान किया था।

    विवादों के बीच नया राजनीतिक दांव
    विधायक पाठक पिछले कुछ समय से विभिन्न मामलों को लेकर चर्चा में रहे हैं। सहारा जमीन घोटाला, एक्सिस माइनिंग से जुड़ा मामला, भारी जुर्माना और न्यायालय से जुड़े विवाद उनके लिए चुनौती बने हुए हैं। ऐसे में यह नया जनादेश प्रयोग उनके लिए राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।

    राजनीति में नई परंपरा की शुरुआत?
    पाठक का यह कदम प्रदेश की राजनीति में एक नई बहस को जन्म दे सकता है। यदि यह प्रयोग सफल रहता है, तो भविष्य में अन्य नेता भी इसी तरह जनता के बीच जाकर अपने कार्य का मूल्यांकन कराने की राह अपना सकते हैं। अब नजर इस बात पर रहेगी कि ढाई साल बाद होने वाला यह ‘जनता टेस्ट’ संजय सतेंद्र पाठक के राजनीतिक भविष्य को किस दिशा में ले जाता है।

    Share:

  • बिहार : कस्टम अधिकारी बनकर रुकवाई व्यापारियों की गाड़ी, फिर ले उड़े 15 किलो सोना

    Mon Apr 6 , 2026
    पटना. पटना (Patna) के खगौल इलाके में अपराधियों (Criminals) ने फिल्मी अंदाज (Filmy Style) में बड़ी ठगी की वारदात को अंजाम देते हुए स्वर्ण व्यापारियों (Gold Traders) से करीब 15 किलो सोना (15 kg of Gold) लेकर फरार हो गए. खुद को कस्टम विभाग का अधिकारी बताकर अंजाम दी गई इस घटना ने पुलिस और […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved