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इंदौर की थाली, मिलावट वाली, हर महीने 5 से ज्यादा फूड सैंपल फेल

April 08, 2026

वित्तीय वर्ष की रिपोर्ट में 893 में से 65 सैंपल हुए फेल, 480 सैंपलों की रिपोर्ट का अब भी इंतजार

इंदौर। विकाससिंह राठौर
खाने-पीने (Food and Drink) के शौकीनों के शहर के रूप में पहचाने जाने वाले इंदौर (Indore) की थाली (Plate)  से मिलावट दूर नहीं हो पा रही है। पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में इंदौर में हर महीने 5 से ज्यादा फूड सैंपल फेल (Food Samples) हुए हैं। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि प्रशासन की सख्ती के बाद भी शहर में मिलावटखोर सक्रिय हैं और लोगों की सेहत से खुलेआम खिलवाड़ कर रहे हैं।

शहर में खाद्य सुरक्षा की स्थिति को लेकर यह चिंताजनक तस्वीर विभाग की रिपोर्ट में ही सामने आई है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन के आंकड़े बताते हैं कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 1373 सैंपल लिए गए, जिनमें से 893 की जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई। इन रिपोर्ट में 65 सैंपल फेल पाए गए। 12 महीनों में 65 सैंपल फेल होने का सीधा मतलब है कि हर महीने औसत 5 से ज्यादा और हर हफ्ते 1 से ज्यादा सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे। यह आंकड़ा इसलिए भी गंभीर है क्योंकि यह सिर्फ जांच में पकड़े गए मामलों की बात करता है। असल में बाजार में इससे कहीं ज्यादा मिलावट होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।


  • 92 प्रतिशत से ज्यादा सैंपल पास
    मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनीष स्वामी का कहना है कि यह सही है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 65 सैंपल फेल हुए हैं, लेकिन दूसरा पक्ष यह भी है कि 893 सैंपल में से 828 सैंपल पास हुए हैं, जो कुल सैंपलों का 92.7 प्रतिशत है, यानी इंदौर में 92 प्रतिशत से ज्यादा खाद्य पदार्थ जांच में सही पाए गए हैं। विभाग लगातार सख्ती से कार्रवाई कर रहा हैं, ताकि मिलावट पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सके।

    फैक्ट बॉक्स
    कुल सैंपल – 1373
    प्राप्त जांच रिपोर्ट – 893
    लंबित रिपोर्ट – 480
    फेल सैंपल – 65
    औसत – हर महीने 5+ सैंपल फेल
    दर्ज प्रकरण – 47
    निर्णित प्रकरण – 75
    दोष सिद्ध – 75
    कुल जुर्माना – 1,13,05,000 रुपए

    480 रिपोट्र्स का अब भी इंतजार
    खाद्य औषधि प्रशासन द्वारा वित्तीय वर्ष में कुल 1373 सैंपल लिए गए, जिन्हें जांच के लिए भोपाल स्थित राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया। इनमें से अब तक सिर्फ 893 सैंपलों की रिपोर्ट ही मिली है। 480 सैंपलों की रिपोर्ट अब भी मिलना बाकी है। इससे साफ है कि मिलावट खोरी का प्रतिशत और बढ़ेगा, साथ ही देरी से रिपोट्र्स मिलने के कारण कार्रवाई लेट हो रही है और मिलावटखोरों को छूट मिल रही है।

    सभी 75 मामलों में दोषी पाए गए मिलावटखोर
    रिपोर्ट के मुताबिक 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच फेल हुए 65 सैंपलों में से 47 मामलों में अब तक प्रकरण दायर किए जा चुके हैं, वहीं इस दरमियान कुल 75 मामलों में कोर्ट ने निर्णय दिए हैं। इनमें वे मामले भी शामिल है, जो पहले से लंबित थे। खास बात यह है कि इन सभी मामलों में आरोपी मिलावटखोर दोषी पाए गए है। इन पर 1.13 करोड़ का जुर्माना भी लगाया गया है।

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