
इंदौर। पश्चिमी मध्यप्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं का रुझान सौर ऊर्जा की ओर तेजी से बढ़ रहा है। क्षेत्र में स्थापित विभिन्न सोलर संयंत्रों की कुल बिजली उत्पादन क्षमता अब 425 मेगावाट से अधिक हो चुकी है। वर्तमान में क्षेत्र के करीब 67 हजार स्थानों पर सौर ऊर्जा का उत्पादन किया जा रहा है।
इस तेजी का एक बड़ा कारण पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना है, जिसके तहत घरेलू उपभोक्ताओं को 78 हजार रुपए तक की सब्सिडी मिल रही है। इस योजना के अंतर्गत अब तक 48 हजार से अधिक स्थानों पर सोलर संयंत्रों के सेटअप लगाए जा चुके हैं। आंकड़ों के मुताबिक सबसे ज्यादा सोलर संयंत्र इंदौर महानगरीय सीमा के अंतर्गत लगाए गए हैं, जिनकी संख्या 28 हजार है। इंदौर के बाद इस सूची में दूसरा स्थान धार्मिक नगरी उज्जैन का है, जबकि तीसरा स्थान रतलाम जिले का है।
गर्मी…मई के 25 दिनों में 35.50 करोड़ यूनिट सप्लाई
भीषण गर्मी के चलते इंदौर शहर में बिजली की मांग अपने सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गई है। मई महीने के अधिकांश दिनों में शहर की बिजली मांग 700 मेगावाट से अधिक दर्ज की गई। महीने के 25 दिनों में ही शहर में करीब 35.50 करोड़ यूनिट बिजली का वितरण किया जा चुका है, जो पिछले वर्ष मई माह की तुलना में 25 से 30 प्रतिशत अधिक है।
18 मई को हुई रिकॉर्ड सप्लाई
इस महीने में सबसे ज्यादा बिजली का वितरण 18 मई को हुआ, जब एक ही दिन में रिकॉर्ड 1 करोड़ 57 लाख 44 हजार यूनिट बिजली सप्लाई की गई। मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारी और कर्मचारी इस भीषण गर्मी में भी बिजली आपूर्ति व्यवस्था में जुटे हुए हैं।
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