
कटिहार: बिहार के कटिहार जिले से एक बार फिर पुलिस और कानून की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़ा हो गया है. जिस महिला की हत्या के आरोप में एक शख्स 10 माह से जेल में बंद था, वह महिला जिंदा निकली. मगर इस दौरान आरोपी बनाए गए शख्स की पूरी जिंदगी बर्बाद हो गई. परिवार दाने-दाने को मोहताज हो गया, 5 बच्चों की पढ़ाई छूट गई, मां-बाप और बहन डर के साये में भागते रहे.
घटना कटिहार जिले के आजमनगर थाना क्षेत्र के कुशहा गांव की है, जहां लक्खी देवी नामक महिला अचानक घर से गायब हो गई. महिला के गायब होने के बाद उसके भाई भीम यादव ने ससुराल पक्ष के चचेरे देवर राजेश यादव सहित पत्नी विशाखा देवी, उसके भाई प्रदीप यादव, पिता लखन यादव तथा उसकी बहन-बहनोई को भी आरोपी बनाते हुए थाने में हत्या का मामला दर्ज करा दिया.
लक्खी देवी के भाई ने आरोप लगाया कि उसके पति दुलाल यादव की मृत्यु 2024 में करंट लगने से हो गई थी. तब से उसका चचेरा देवर राजेश यादव से अवैध संबंध था. कई बार गर्भपात भी कराया गया. मामला उजागर होने के बाद पूरे परिवार ने मिलकर लक्खी देवी की हत्या कर दी.
वहीं, आरोपी राजेश यादव के छोटे भाई प्रदीप यादव की पत्नी सबिता देवी ने बताया कि मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने घर पर छापेमारी की. सभी लोग भाग गए, लेकिन राजेश यादव को पुलिस ने पकड़ लिया. इसके बाद थाने में उससे जुर्म कबूल कराने के लिए मारपीट की गई. करीब दो दिन तक उसे टॉर्चर किया गया और कागज पर हस्ताक्षर करवा लिए गए. इसके बाद कोर्ट में पेश किए जाने पर उसे जेल भेज दिया गया. पुलिस के अनुसार, राजेश यादव ने लक्खी देवी की हत्या कर शव महानंदा नदी में फेंक दिया. हालांकि 10 दिनों तक ग्रामीण और स्थानीय गोताखोरों ने नदी में शव की तलाश की, लेकिन कुछ नहीं मिला.
राजेश की गिरफ्तारी के बाद नामजद परिवार के अन्य लोग घर छोड़कर फरार हो गए. पुलिस के डर से वे इधर-उधर छिपते रहे. इस दौरान राजेश के 5 बच्चे भी अपनी मां के साथ भटकते रहे और उनकी पढ़ाई छूट गई. 10 महीनों में कानूनी प्रक्रिया में परिवार की आर्थिक स्थिति भी खराब हो गई.
इसी बीच सबिता देवी को सुधानी थाना क्षेत्र में रहने वाले एक रिश्तेदार से जानकारी मिली कि उसके गांव में प्रेम राय नाम का युवक रहता है, जो गुजरात में रहता है. उसने बताया कि प्रेम राय घर लौटा है और उसके साथ लक्खी देवी भी है. यह सुनकर परिवार के लोग दोगज गांव पहुंचे और लक्खी देवी को पकड़ लिया. इसके बाद पुलिस को सूचना देकर उसे बरामद किया गया.
पूछताछ में लक्खी देवी ने बताया कि वह पिछले 9 वर्षों से प्रेम राय से प्रेम करती थी, लेकिन उसके भाइयों ने उसकी शादी दुलाल यादव से कर दी थी. करीब डेढ़ वर्ष पहले उसके पति की मौत करंट लगने से हो गई थी. इसके बाद वह अपने चार बच्चों को छोड़कर प्रेम राय के साथ गुजरात चली गई, जहां दोनों पति-पत्नी की तरह रह रहे थे. पुलिस ने महिला का कोर्ट में धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराया, जहां उसने प्रेम राय के साथ रहने की इच्छा जताई. इसके बाद पुलिस ने उसे मुक्त कर दिया.
इस मामले में कटिहार एसपी शिखर चौधरी ने बताया कि पूरे मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की गई है. रिपोर्ट आने के बाद सूचक और अनुसंधानकर्ता के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. साथ ही कोर्ट में आवेदन देकर आरोपी युवक को रिहा कराया जाएगा. मगर सवाल यह उठता है कि बिना ठोस साक्ष्य के पुलिस ने युवक को जेल कैसे भेज दिया? उस युवक का क्या होगा जिसने बिना गुनाह के 10 महीने जेल में बिताए? उसके परिवार ने जो दर्द सहा, उसकी भरपाई कौन करेगा?
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved