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कृषि केवल आजीविका का साधन नहीं जीवन पद्धति का मूल आधार: मुख्यमंत्री

April 09, 2026

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दी 23 करोड़ से अधिक लागत की विकास कार्यों की सौगातें

जबलपुर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश कृषि, परंपरा, वैज्ञानिक अनुसंधान और आधुनिक तकनीक के समन्वय से देश में कृषि विकास का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। किसानों की मेहनत, कृषि वैज्ञानिकों के शोध और सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश ने दलहन, तिलहन और खाद्यान्न उत्पादन में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त की हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर में आयोजित कृषि मंथन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में विभिन्न विभागों द्वारा प्रस्तुत कृषि नवाचारों, शोध परियोजनाओं, स्टार्टअप मॉडलों एवं आधुनिक तकनीकी प्रदर्शनों का अवलोकन करते हुए कहा कि कृषि क्षेत्र में तकनीकी नवाचार किसानों की आय वृद्धि का महत्वपूर्ण आधार बन रहे हैं। ड्रोन तकनीक, उन्नत कृषि यंत्र, प्राकृतिक खेती मॉडल, उन्नत बीज एवं प्रसंस्करण आधारित नवाचारों से कृषि का स्वरूप बदल रहा है।



  • मुख्यमंत्री ने कहा कि जबलपुर के कृषि विश्वविद्यालय को सात दशकों के इंतजार के बाद प्रशासनिक भवन की सौगात मिली है। 13 करोड़ की लागत से बने इस नवीन प्रशासनिक भवन को भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी प्रशासनिक भवन के नाम से जाना जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की कृषि परंपरा हजारों वर्षों पुरानी है तथा कृषि केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और जीवन पद्धति का मूल आधार है। ऋषि-मुनियों द्वारा विकसित कृषि ज्ञान आज भी प्रासंगिक है और आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान के साथ उसका समन्वय आवश्यक है।

    इन कार्यों का लोकार्पण
    मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में 23 करोड़ 21 लाख की लागत के विभिन्न कार्यों का लोकार्पण कर विकास की सौगाते दी। जिनमें प्रमुख रूप से 13 करोड़ रूपये की लागत से बने जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के नवीन प्रशासनिक भवन, 1.11 करोड़ रूपये लागत के बोहानी गन्ना अनुसंधान केन्द्र के प्रशासनिक भवन, 1 करोड़ रूपये लागत के बालाघाट जिले के कृषि महाविद्यालय वारासिवनी के कौशल विकास केन्द्र के साथ ही जबलपुर में 1.26 करोड़ रूपये से बने स्वचालित तरल जैव उर्वरक उत्पादन केन्द्र का लोकार्पण किया। इसके अतिरिक्त किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग की 4 करोड़ 92 लाख रूपये से निर्मित चार इकाईयों का भी लोकार्पण किया गया। जिसमें रीवा एवं शहडोल के ज्ञान प्रसार केन्द्र शामिल है। कृषि स्टार्टअप्स के साथ ही विभिन्न योजना के हितग्राहियों को हितलाभ का किया वितरण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित 10 स्टार्टअप्स को 10 करोड़ से अधिक के स्वीकृति आदेश का वितरण किया।

    इनकी रही उपस्थिति
    कार्यक्रम में मंत्री राकेश सिंह, मंत्री प्रहलाद पटेल, राज्यसभा सांसद सुमित्रा वाल्मीक, सांसद आशीष दुबे, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायकगण अजय विश्नोई, अशोक ईश्वरदास रोहाणी, सुशील तिवारी इंदु, अभिलाष पांडे, नीरज सिंह, संतोष वरकड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष आशा मुकेश गोटिया, भाजपा प्रदेश कोषाध्यक्ष अखिलेश जैन, भाजपा नगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर, भाजपा ग्रामीण अध्यक्ष राजकुमार पटेल, नगर निगम अध्यक्ष रिकुंज विज, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रमोद कुमार मिश्रा, सचिव कृषि विभाग निशांत वरवड़े, कमिश्नर धनंजय सिंह एवं कलेक्टर राघवेंद्र सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामय उपस्थिति रही।

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  • अनुसंधान और आधुनिक तकनीक से आय में होगी वृद्धि

    Thu Apr 9 , 2026
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