
सक्ती। छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के सक्ती जिले (Sakti district) में एक निजी बिजली प्लांट (Private power plant.) में भीषण विस्फोट के बाद आग लग गई। इससे 13 श्रमिकों की मौत हो गई जबकि कम से कम 21 अन्य घायल हो गए हैं। धमाका इतना जोरदार था कि आवाज दूर तक सुनाई दी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, बचाव दल मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू अभियान चलाया। घायलों को तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया। कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
4 की मौके पर ही मौत
सक्ती के पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि धमाका अपराह्न करीब 2:30 बजे जिले के डभरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत सिंघीतराई गांव में स्थित वेदांता लिमिटेड के बिजली संयंत्र में बॉयलर से टरबाइन तक हाई-प्रेशर भाप पहुंचाने वाली एक ट्यूब में हुआ। घटना में 4 श्रमिकों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि अन्य ने अस्पतालों में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घायलों को पड़ोसी रायगढ़ और बिलासपुर जिले के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
इलाज के दौरान 9 ने तोड़ा दम
वहीं रायगढ़ में औद्योगिक सुरक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि अस्पतालों में इलाज के दौरान नौ अन्य श्रमिकों की मृत्यु हुई है जबकि 21 घायल श्रमिकों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज किया जा रहा है। घटना के बाद प्लांट में अफरातफरी मच गई। कर्मचारी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। घायल मजदूरों को बचाने के लिए राहत कार्य तेजी से चलाया गया। धमाका पहले ट्यूब में हुआ। ब्लास्ट के बाद मौके पर हालात बेहद खराब हो गए।
सीएम ने जताया शोक
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (Chief Minister Vishnu Dev Sai) ने हादसे पर शोक संवेदना प्रकट की है। उन्होंने कहा कि सक्ती जिले में सिंघीतराई स्थित ‘वेदांता पावर प्लांट’ में बॉयलर फटने से हुई भीषण दुर्घटना की सूचना अत्यंत दुःखद एवं पीड़ादायक है। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें। ईश्वर प्रभावित परिवारों को इस असहनीय दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें।
घटना की होगी जांच, नहीं बख्शे जाएंगे दोषी
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आगे कहा कि राहत और बचाव कार्य जारी हैं। घायलों के बेहतर इलाज के लिए दिशा निर्देश दिए गए हैं। घटना की गहन और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी। इसमें जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सीएम ने बिलासपुर संभाग के कमिश्नर को इस घटना की जांच करने का आदेश दिया है। वहीं जिला प्रशासन ने भी इस घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं।
पीएम और सीएम ने किया आर्थिक मदद का ऐलान
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने घटना पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये जबकि घायलों को 50 हजार रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है। वहीं पीएम मोदी ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिवारों को दो लाख रुपये की आर्थिक मदद का ऐलान किया है। पीएमओ की ओर से घायलों को 50 हजार रुपये मुआवजा देने की बात कही गई है।
बलौदाबाजार में भी हुआ था ऐसा ही ब्लास्ट
इसी साल जनवरी महीने में छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में ऐसा ही हादसा सामने आया था। जिले के भाटापारा ग्रामीण थाना क्षेत्र के बकुलाही गांव स्थित रियल इस्पात फैक्ट्री के फर्नेस में अचानक जोरदार धमाका हो गया था। हादसे में बिहार के रहने वाले 6 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई थी। हादसे में कई अन्य बुरी तरह झुलस गए थे। प्रशासन ने हादसे की जांच के लिए एक कमेटी बनाई थी।
SOP का पालन नहीं करने का आरोप
अधिकारियों की मानें तो शुरुआती जांच में SOP का पालन नहीं करने के कारण हादसा हुआ था। पाया गया कि ‘किल्न’ को बंद किए बिना मजदूरों से बेहद खतरनाक हालत में काम कराया गया। साथ ही न तो डस्ट-सेटलिंग चैंबर का दरवाजा बंद किया गया और न ही काम के लिए कोई सही आदेश जारी किया गया। हादसे के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर हुई जांच में सुरक्षा नियमों की बड़ी अनदेखी पाए जाने के बाद कारखाना अधिनियम के तहत ‘किल्न’ सभी कामों पर तुरंत रोक लगाने का आदेश दिया गया था।
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