
जयपुर: आम आदमी को पासपोर्ट बनवाने के लिए भले ही कई पापड़ बेलने पड़ते हो लेकिन एक आंतकी चुपचाप यहां से पासपोर्ट बनाकर विदेश रफूचक्कर हो गया. यह आतंकी है लश्कर-ए-तैयबा का उमर हासिम उर्फ खरगोश. मामले का खुलासा होने के बाद सुरक्षा एजेंसियां भी हैरान हैं. आंतकी ने यह पासपोर्ट कैसे बनवाया? इसका सूत्रधार कौन था? कैसे उसने कथित रूप से फुलप्रूफ सिस्टम में सेंधमारी की है? यह सब सवाल सिस्टम पर उठ रहे हैं. हालांकि सुरक्षा एजेंसियों ने आंतकी का पासपोर्ट बनाने में सहयोग करने वाली एक कड़ी को दबोच लिया है. अब उससे पूछताछ में सिस्टम के लूज पोल का खुलासा होने की संभावना है.
श्रीनगर में पिछले दिनों लश्कर-ए-तैयबा के मॉड्यूल का खुलासा होने के बाद अब जब इसके तार राजस्थान से जुड़े तो यहां हड़कंप मच गया. हरकत में आई एटीएस ने खरगोश का पासपोर्ट बनवाने में सहयोग करने वाले शख्स के अलावा उसे पनाह और नौकरी देने वाले लोगों पर शिकंजा कस दिया है. इसके अलावा उसके एक दोस्त को भी पकड़ा गया है. अब उन चारों से पूछताछ कर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ी रही है. खरगोश एक साल तक जयपुर में रहा था और इसकी सुरक्षा एजेंसियों को कानोंकान खबर नहीं लगी.
श्रीनगर पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि आतंकी उमर हासिम उर्फ खरगोश ने जयपुर में फर्जी दस्तावेज बनवाए और पासपोर्ट बनवाया. इसी के आधार पर वह विदेश फरार हुआ. अब वह सऊदी अरब में छिपा हुआ बताया जा रहा है. सूत्रों की मानें तो उमर हासिम 2012 में पाकिस्तान से जम्मू कश्मीर पहुंचा और यहां पर लश्कर-ए-तैयबा को संगठन को मजबूत किया. राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में पूरे मॉड्यूल को खड़ा किया. वह पाकिस्तानी आतंकी अबु हुरैरा के संपर्क में था. लश्कर-ए-तैयबा के चीफ हाफिज सईद को वह जानकारी देता था. 2023 में आतंकी उमर हासिल जयपुर पहुंचा और साल 2024 तक एक साल तक जयपुर में रहा.
सूत्रों के अनुसार इस दौरान वह प्रसिद्ध मंदिर, पर्यटक स्थल और भीड़ भाड़ वाली जगह पर घूमने गया. जयपुर में उसने फर्जी पासपोर्ट बनाया. जांच में सामने आया है कि उसने शादी जयपुर नहीं बल्कि श्रीनगर में ही अपने अंडरग्रांउड वर्कर की बेटी से की थी. उसी शादी के आधार पर उसने जयपुर में पासपोर्ट बनवाया. उसके अलावा कुछ अन्य डॉक्यूमेंट भी बनवाए. ATS और श्रीनगर पुलिस ने जयपुर से उसके चार संदिग्ध सहयोगियों को डिटेन किया है. आतंकी खरगोश ने जयपुर में सहजाद नाम से पासपोर्ट बनवाया. इसी फर्जी पासवर्ड के आधार से वह पहले इंडोनेशिया और फिर खाड़ी देश में फरार हो गया. खरगोश जयपुर की चार दीवारी इलाके में रहा था. जयपुर में उसने जयपुर में इलेक्ट्रॉनिक की दुकान में काम किया. उसने यहां AC और अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिपेयर का काम किया.
अब एटीएस और श्रीनगर पुलिस ने उसको नौकरी लगाने वाले शख्स को डिटेन कर लिया है. वहीं बिना वेरिफिकेशन के मकान किराया पर देने वाले मकान मालिक को भी डिटेन किया गया है. उसके फर्जी डॉक्यूमेंट और पासपोर्ट बनवाने में मदद करने वाले के गिरेबान तक भी सुरक्षा एजेंसियों के हाथ पहुंच गए हैं. इनके साथ ही एक चौथे शख्स को और डिटेन किया गया है. वह खरगोश का दोस्त बना और उसके साथ नेपाल घूमने गया था. खुफिया एजेंसी के अलावा अब पुलिस भी मामले की जांच कर रही है क्योंकि फर्जी डॉक्यूमेंट के आधार पर जयपुर में रुकना और पासपोर्ट बनाना सुरक्षा में भारी कमी है. सूत्रों की मानें तो खरगोश जयपुर से पहले हरियाणा के नूंह मेवात में भी रहा था. फिलहाल राजस्थान ATS ने मामले की जांच में जुटी हुई है.
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