
इंदौर। यातायात के चार जोन के हिसाब से बांटे गए ई-रिक्शा आज से रूट के हिसाब से चलेंगे। मॉडल के रूप में तैयार दो-दो ई-रिक्शा को पुलिस अधिकारी पलासिया से हरी झंडी दिखा रहे हैं। इसके बाद रजिस्टर्ड ई-रिक्शा को रंगना शुरू कर दिया जाएगा।
यातायात थाना पूर्व पर हर जोन के दो-दो ई-रिक्शा को उनके रूट के लिए तय रंगों के हिसाब से रंगा गया है। जोन 1 के लिए नीला, जोन 2 के लिए पीला, जोन 3 के लिए लाल और जोन 4 को सफेद रंग मिला है। पहले केवल हुड रंगने की बात हो रही थी, लेकिन मॉडल के रूप में तैयार ई-रिक्शा को निचले हिस्से पर और कांच पर रंग कर बड़े-बड़े अक्षरों में उसका जोन लिखा गया है। शहर में रूट के लिए रजिस्टर्ड सभी ई-रिक्शा अब इसी तरह रंगे जाने की बात कही जा रही है। यातायात पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक आज से इसकी शुरुआत की जा रही है। ई-रिक्शा चालकों और स्वामियों को लंबा वक्त रजिस्ट्रेशन के लिए दिया गया था। अब बिना रूट रजिस्ट्रेशन के चलने वालों पर सख्ती की जाएगी।
कल फैंसी नंबर प्लेट के बनाए 55 चालान
कल कार्रवाई के दौरान 55 नंबर प्लेट के चालान बने। इनके खिलाफ मुहिम ठंडे बस्ते में जाते ही एक बार फिर वाहनों पर फैंसी नंबर प्लेट नजर आने लगी थीं, जिसके चलते अब इन पर भी सख्ती की जा रही है। कुल 1592 चालान बने, जिनमें बिना हेलमेट के 1301, नो पार्किंग के 99, वन-वे के 40, ई-रिक्शा ओवरलोड के 17, मोबाइल के 14, नंबर प्लेट के 55, रेड लाइट जम्प के 28 और तीन सवारी के 16 चालान हैं।
सीएसआर की मदद से रंग करेंगे
शहर में आरटीओ रजिस्टर्ड साढ़े ग्यारह हजार से ज्यादा ई-रिक्शा सडक़ों पर दौड़ रहे हैं। रंग के हिसाब से जोन बांटने की जिम्मेदारी के बाद इन्हें उन रंगों के हिसाब से रंगने की जिम्मेदारी भी यातायात पुलिस के पास ही है, जिसे वो अब सीएसआर की मदद से पूरा करेगी। विभाग के अधिकारी इसके लिए अब सीएसआर ढूंढ रहे हैं।
बचे ई-रिक्शा रजिस्टर्ड करना चुनौती
इतनी मोहलत देने और इतने जतन करने के बाद भी अब तक यातायात पुलिस केवल 6100 को ही रूट के लिए रजिस्टर्ड कर पाई है। बचे ई-रिक्शा रजिस्टर्ड करना चुनौती है, क्योंकि यातायात पुलिस के पास बल की कमी है। वहीं कई ई-रिक्शा चालक ये व्यवस्था चाहते ही नहीं हैं। कई ऐसे हैं, जिनके दस्तावेज अभी भी पूरे नहीं हो पाए हैं।
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