
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से जुड़े पेंशनर्स के लिए फिक्स्ड मेडिकल अलाउंस (FMA) पाने की प्रक्रिया को बेहद आसान बना दिया है. अब पेंशनर्स को मेडिकल खर्च के बिल जमा करने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि पैसा सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाएगा.
वित्त मंत्रालय के 16 अप्रैल 2026 के ऑफिस मेमोरेंडम के मुताबिक, पात्र NPS पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स को FMA का भुगतान अब ऑटोमैटिक तरीके से होगा. यह रकम पेंशन देने वाले बैंक अपने सेंट्रल पेंशन प्रोसेसिंग सेंटर (CPPC) के जरिए सीधे खाते में जमा करेंगे. सरकार ने साफ किया है कि अब किसी तरह का क्लेम फाइल करने या कागजी प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत नहीं होगी, जिससे खासकर बुजुर्ग पेंशनर्स को बड़ी राहत मिलेगी.
इस नई व्यवस्था में सबसे पहले सेंट्रल पेंशन अकाउंटिंग ऑफिस (CPAO) पेंशनर की पात्रता की जांच करेगा. इसके बाद बैंक को स्पेशल सील अथॉरिटी (SSA) जारी की जाएगी. SSA मिलने के बाद बैंक का CPPC हर तीन महीने (क्वार्टर) में तय दर के अनुसार FMA की राशि सीधे पेंशनर के खाते में ट्रांसफर करेगा. यानी अब नियमित अंतराल पर बिना किसी झंझट के पैसा मिलता रहेगा.
हालांकि, इस सुविधा का लाभ जारी रखने के लिए पेंशनर्स को हर साल नवंबर में लाइफ सर्टिफिकेट देना अनिवार्य रहेगा. यह सर्टिफिकेट डिजिटल या फिजिकल दोनों तरीकों से दिया जा सकता है. अगर कोई पेंशनर समय पर लाइफ सर्टिफिकेट जमा नहीं करता है, तो दिसंबर से उसका भुगतान रुक सकता है.
सरकार ने पेंशनर्स को विकल्प भी दिया है कि वे चाहें तो FMA छोड़कर CGHS (केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना) की ओपीडी सुविधा ले सकते हैं. इस स्थिति में पहले से लागू नियमों का पालन किया जाएगा.
अगर पेंशनर अपना बैंक या ब्रांच बदलता है, तो FMA ट्रांसफर की प्रक्रिया CPAO के मौजूदा दिशानिर्देशों के अनुसार ही पूरी की जाएगी, जिससे भुगतान में किसी तरह की रुकावट न आए.
पेंशनर की मृत्यु के बाद भी यह सुविधा परिवार के पात्र सदस्य को मिलती रहेगी. अगर परिवार के सदस्य का नाम पहले से रिकॉर्ड में है, तो वे सीधे बैंक में डेथ सर्टिफिकेट देकर FMA शुरू करा सकते हैं. अगर नाम दर्ज नहीं है, तो उन्हें संबंधित विभाग के जरिए नई अनुमति लेनी होगी.
सरकार का यह कदम कागजी कार्रवाई कम करने, भुगतान प्रक्रिया को तेज बनाने और पेंशनर्स को सरल अनुभव देने की दिशा में बड़ा सुधार माना जा रहा है. खासकर बुजुर्गों के लिए यह व्यवस्था काफी फायदेमंद साबित होगी.
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