नई दिल्ली। भारत की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में (DRDO) ने एक उन्नत ऑल-टेरेन आर्मर्ड प्लेटफॉर्म (AAP) विकसित किया है। इसे सेना की आधुनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, जो अलग-अलग भौगोलिक परिस्थितियों में संचालन करने में सक्षम है।
यह प्लेटफॉर्म रेगिस्तान, पहाड़ी इलाकों, जंगलों और पानी जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भी चल सकता है। इसे ट्रैक्ड और व्हील्ड—दोनों कॉन्फिगरेशन में डिजाइन किया गया है, जिससे यह कठिन रास्तों पर भी स्थिरता और गतिशीलता बनाए रखता है।
इस प्लेटफॉर्म में 30 मिमी गन लगाने की क्षमता है और इसे एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल सिस्टम के साथ भी इंटीग्रेट किया जा सकता है। इसकी डिजाइन ऐसी है कि यह पानी में सीमित दूरी तक मूवमेंट करने में सक्षम है, जिससे यह उभयचर (amphibious) ऑपरेशंस में भी उपयोगी हो सकता है।
यह पूरा सिस्टम ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत विकसित किया गया है। इस प्रोजेक्ट में VRDE समेत कई रक्षा और औद्योगिक साझेदार शामिल रहे हैं।
DRDO द्वारा जारी वीडियो में इस प्लेटफॉर्म को कठिन रास्तों—कीचड़, पानी और ऊबड़-खाबड़ इलाकों—में सफलतापूर्वक चलते हुए दिखाया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, इसे भारतीय सेना की भविष्य की परिचालन जरूरतों के अनुरूप तैयार किया गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मल्टी-टेरेन प्लेटफॉर्म सीमावर्ती इलाकों में तेज और लचीली तैनाती के लिए अहम होते हैं। इससे सेना की गतिशीलता और प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ सकती है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां पारंपरिक वाहन सीमित साबित होते हैं।
हालांकि, रक्षा उपकरणों से जुड़ी विस्तृत क्षमताएं और तैनाती की रणनीति आमतौर पर सार्वजनिक नहीं की जाती, लेकिन इस तरह की स्वदेशी तकनीक भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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