
डेस्क: ओपनएआई ने चैटजीपीटी की मेमोरी क्षमता को पहले से ज्यादा स्मार्ट बनाने के लिए एक बड़ा अपडेट पेश किया है. कंपनी ने “ड्रीमिंग” नाम की नई मेमोरी आर्किटेक्चर लॉन्च की है, जिसकी मदद से चैटजीपीटी पुरानी बातचीत, यूजर की पसंद और चल रहे प्रोजेक्ट्स को बेहतर तरीके से याद रख सकेगा. इस अपडेट का मकसद यूजर्स को बार-बार एक ही जानकारी देने की जरूरत कम करना है. कंपनी का दावा है कि नया सिस्टम न केवल ज्यादा सटीक है बल्कि पुराने और अप्रासंगिक डेटा को भी बेहतर तरीके से संभाल सकता है.
ओपनएआई के अनुसार, ड्रीमिंग एक नई मेमोरी आर्किटेक्चर है जो बैकग्राउंड में काम करते हुए पुरानी बातचीत से मिली जानकारी को मैनेज और अपडेट करती रहती है. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चैटजीपीटी जरूरी जानकारी को याद रखे और यूजर को बार-बार वही जानकारी दोहराने की जरूरत न पड़े. कंपनी ने बताया कि यह सिस्टम यूजर की पसंद, चल रहे काम और महत्वपूर्ण संदर्भों को बेहतर तरीके से समझकर भविष्य की बातचीत में उपयोग करेगा. यह फीचर पिछले दो वर्षों में लॉन्च किए गए मेमोरी फीचर्स का एडवांस वर्जन है. फिलहाल इसे अमेरिका में प्लस और प्रो सब्सक्राइबर्स के लिए जारी किया जा रहा है, जबकि आने वाले हफ्तों में इसे अन्य क्षेत्रों और फ्री यूजर्स तक भी पहुंचाया जाएगा.
ओपनएआई का कहना है कि नया सिस्टम तीन प्रमुख क्षेत्रों पर फोकस करता है. पहला, पुरानी बातचीत से उपयोगी जानकारी को याद रखना. दूसरा, यूजर की पसंद और प्राथमिकताओं को लगातार लागू करना. और तीसरा, समय के साथ बदलती परिस्थितियों के अनुसार मेमोरी को अपडेट रखना. कंपनी द्वारा साझा किए गए इंटरनल बेंचमार्क के मुताबिक फैक्टुअल रिकॉल स्कोर 67.9 प्रतिशत से बढ़कर 82.8 प्रतिशत पहुंच गया है. वहीं यूजर प्रेफरेंस को फॉलो करने की क्षमता 55.3 प्रतिशत से बढ़कर 71.3 प्रतिशत हो गई है. समय आधारित मेमोरी टास्क में भी प्रदर्शन 52.2 प्रतिशत से बढ़कर 75.1 प्रतिशत तक पहुंचा है. इससे चैटजीपीटी पहले की तुलना में अधिक सटीक और उपयोगी जवाब देने में सक्षम होगा.
इस अपडेट के साथ ओपनएआई एक नया मेमोरी समरी पेज भी ला रहा है. इस पेज पर यूजर देख सकेंगे कि चैटजीपीटी ने समय के साथ उनके बारे में क्या-क्या जानकारी सीखी है. यहां से यूजर किसी जानकारी को एडिट, हटाने या भविष्य के लिए नई चीजें याद रखने का निर्देश भी दे सकेंगे. कंपनी ने यह भी दावा किया है कि ड्रीमिंग सिस्टम को चलाने के लिए पहले की तुलना में कम कंप्यूटिंग संसाधनों की जरूरत होगी. इससे अधिक यूजर्स तक यह सुविधा पहुंचाना आसान होगा और मौजूदा प्लस तथा प्रो सब्सक्राइबर्स के लिए मेमोरी क्षमता भी बढ़ाई जा सकेगी. ओपनएआई का मानना है कि यह बदलाव चैटजीपीटी को ज्यादा व्यक्तिगत और उपयोगी एआई असिस्टेंट बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा.
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