
नई दिल्ली. रक्षा मंत्री (Defence Minister) राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) किर्गिस्तान (Kyrgyzstan) के दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने मंगलवार को बिश्केक के विजय चौक (Vijay Chowk) पर पुष्पांजलि अर्पित की, जो नाजी जर्मनी पर विजय को समर्पित एक स्मारक है।
रक्षा मंत्रालय ने एक्स के एक बयान में कहा, ‘रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शंघाई सहयोग संगठन के रक्षा मंत्रियों की बैठक के लिए अपनी यात्रा के दौरान किर्गिस्तान के बिश्केक में विजय चौक पर पुष्पांजलि अर्पित की।’ इसके बाद में वह शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के रक्षा मंत्रियों की बैठक में भाग लेंगे।
आतंकवाद पर भारत का कड़ा रुख
रक्षा मंत्री सोमवार को एससीओ बैठक के लिए किर्गिस्तान के बिश्केक पहुंचे। बिश्केक स्थित भारतीय दूतावास ने एक्स पोस्ट में लिखा,’ 27-28 अप्रैल 2026 को एससीओ सदस्य देशों के रक्षा मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए बिश्केक पहुंचने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जी। 27 अप्रैल 2026 को मानस हवाई अड्डे पर राजदूत सिंह द्वारा स्वागत किया गया।’ राजनाथ सिंह ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा,’ किर्गिस्तान के लिए रवाना होने से पहले रक्षा मंत्री ने कहा कि वह विश्व में व्याप्त मौजूदा सुरक्षा चुनौतियों के बीच वैश्विक शांति के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को उजागर करेंगे और आतंकवाद और चरमपंथ के प्रति शून्य सहिष्णुता के भारत के निरंतर रुख से भी अवगत कराएंगे।
मंगलवार को बिश्केक में होने वालें बैठक के दौरान एससीओ सदस्य देशों के रक्षा मंत्री क्षेत्र की रक्षा और सुरक्षा से संबंधित कई मुद्दों पर चर्चा करेंगे। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, मंत्री अंतरराष्ट्रीय शांति, आतंकवाद-विरोधी उपायों और एससीओ सदस्य देशों के बीच रक्षा सहयोग से संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे।
एससीओ में कितने देश शामिल?
मंत्रालय ने उल्लेख किया ‘इस वर्ष की एससीओ बैठक पश्चिम एशिया की स्थिति के कारण उत्पन्न भू-राजनीतिक उथल-पुथल की पृष्ठभूमि में हो रही है। क्षेत्र के सबसे बड़े राजनीतिक और आर्थिक संगठनों में से एक, एससीओ मौजूदा संघर्ष के प्रभाव को कम करने के उपायों पर चर्चा कर सकता है। भारत, रूस, चीन, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, ईरान और बेलारूस वर्तमान में शंघाई सहयोग संगठन के सदस्य हैं।
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