
न्यूयॉर्क। न्यूयॉर्क सिटी (New York) के मेयर और भारतीय मूल के नेता जोहरान ममदानी (Zohran Mamdani) इन दिनों विवादों में हैं। उन पर ब्रिटेन के सम्राट किंग चार्ल्स तृतीय (Britain King Charles III) के स्वागत के दौरान कथित तौर पर शिष्टाचार का पालन न करने और उपनिवेशवाद के मुद्दे को प्रमुखता से उठाने को लेकर आलोचना हो रही है।
मैनहट्टन स्थित 9/11 स्मारक पर आयोजित कार्यक्रम से पहले ममदानी ने बयान दिया था कि वह किंग चार्ल्स से कोहिनूर हीरा भारत को लौटाने की मांग करेंगे। इसके बाद उनके इस रुख और व्यवहार को लेकर आलोचनाएं तेज हो गईं।
किंग चार्ल्स तृतीय और महारानी कैमिला न्यूयॉर्क में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर स्मारक पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां 11 सितंबर 2001 के आतंकी हमलों में जान गंवाने वाले 3,000 से अधिक लोगों को श्रद्धांजलि दी गई। इस कार्यक्रम में न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल और न्यू जर्सी की गवर्नर मिकी शेरिल समेत कई गणमान्य लोग मौजूद थे।
स्थानीय मीडिया, खासकर ‘न्यूयॉर्क पोस्ट’ के संपादकीय बोर्ड ने ममदानी के रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि वह सम्राट का स्वागत अपेक्षित गरिमा और शिष्टाचार के साथ नहीं कर सके। संपादकीय में यह भी कहा गया कि इस तरह के अवसरों पर परिपक्वता और विनम्रता जरूरी होती है, जिसकी कमी उनके व्यवहार में दिखी।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि ममदानी ने किंग चार्ल्स के स्वागत के लिए सीमित प्रयास किए और 9/11 स्मारक पर केवल संक्षिप्त मुलाकात ही की। जबकि अतीत में न्यूयॉर्क के मेयर ब्रिटिश शाही परिवार के सदस्यों का अधिक औपचारिक और गर्मजोशी से स्वागत करते रहे हैं।
इस बीच, किंग चार्ल्स तृतीय अपना अमेरिकी दौरा पूरा कर ब्रिटेन लौट चुके हैं। बताया जा रहा है कि उनके सम्मान में अमेरिकी नेतृत्व की ओर से पूरा प्रोटोकॉल निभाया गया।
ममदानी ने अपने बयान में उपनिवेशवाद के मुद्दे को भी उठाया और संकेत दिया कि यदि उन्हें सम्राट से अलग से मिलने का अवसर मिलता है, तो वे कोहिनूर हीरे की वापसी की मांग रखेंगे। यह ऐतिहासिक हीरा मूल रूप से भारत का माना जाता है और वर्तमान में लंदन में सुरक्षित है, जिसकी वापसी को लेकर लंबे समय से मांग उठती रही है।
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