वाशिंगटन। मध्य पूर्व में जारी तनातनी के बीच अमेरिका और ईरान (America and Iran) के रिश्तों में एक बार फिर तीखापन आ गया है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट (Scott Bessent) ने ईरानी नेतृत्व पर कड़ा हमला बोलते हुए उन्हें “हकीकत से कटे” और “अंधेरे में बैठे” करार दिया। उनकी इस टिप्पणी ने दोनों देशों के बीच बयानबाजी को और तेज कर दिया है।
होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी दावा
बेसेंट ने दावा किया कि अमेरिका का दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक, होर्मुज पर पूर्ण नियंत्रण है. उन्होंने यह भी कहा कि इस क्षेत्र में नौवहन की स्वतंत्रता तब तक बाधित रहेगी जब तक पहले जैसी स्थिति बहाल नहीं हो जाती. उनके अनुसार, इस रणनीतिक मार्ग पर निगरानी और नियंत्रण अमेरिकी सुरक्षा हितों के लिए आवश्यक है.
ईरान पर आर्थिक और अंतरराष्ट्रीय दबाव के आरोप
अपने बयान में बेसेंट ने यह भी आरोप लगाया कि ईरान विदेशी मुद्रा संकट, विशेषकर डॉलर की कमी, भोजन और पेट्रोल की राशनिंग जैसी समस्याओं से जूझ रहा है. उन्होंने कहा कि वैश्विक समुदाय अब ईरान के खिलाफ खड़ा हो चुका है और उस पर दबाव लगातार बढ़ रहा है.
रिपोर्टों के अनुसार, 13 अप्रैल को मध्य पूर्व में वार्ता विफल होने के बाद अमेरिका ने ईरान पर नौसैनिक प्रतिबंध लगाए है. इसके बाद अमेरिकी वित्त विभाग ने शिपिंग कंपनियों और समुद्री ऑपरेटरों को चेतावनी जारी की है कि यदि वे होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित मार्ग के लिए ईरान को कोई भुगतान करते हैं, तो उन पर प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं. अमेरिकी OFAC ने भी यह संकेत दिया है कि उसे इस क्षेत्र में जहाजों पर ईरानी दबाव और कथित टोल वसूली जैसी गतिविधियों की जानकारी मिली है. स्थिति को लेकर दोनों देशों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है, जिससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved