
जबलपुर। शहर के उखरी क्षेत्र में देर रात बिजली विभाग के उपकेंद्र में घुसकर उपद्रवियों ने जमकर हंगामा किया। 15 से 20 अज्ञात युवकों ने ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी के साथ मारपीट की, कंट्रोल रूम में तोडफ़ोड़ की और जबरन चार बड़े फीडरों की बिजली बंद कर दी। इस घटना से करीब 10 हजार उपभोक्ताओं की बिजली सप्लाई प्रभावित हो गई और पूरा इलाका करीब 20 मिनट तक ब्लैकआउट की चपेट में रहा। घटना के बाद कोतवाली थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
देर रात उपकेंद्र में घुसे बदमाश
जानकारी के अनुसार 2 और 3 मई की दरमियानी रात करीब 12 बजे मध्य प्रदेश विद्युत वितरण कंपनी के 33/11 केवी उखरी उपकेंद्र में कर्मचारी नारायण प्रसाद कोष्टा (50) ड्यूटी पर तैनात थे।इसी दौरान 15 से 20 युवक मुख्य गेट फांदकर अनाधिकृत रूप से कंट्रोल रूम में घुस गए। अंदर पहुंचते ही उन्होंने अधिकारियों को बुलाने की मांग करते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
कर्मचारी को बेरहमी से पीटा
जब कर्मचारी नारायण प्रसाद ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो आरोपियों ने उनके साथ हाथापाई शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि एक युवक ने पानी भरने वाले स्टील के भारी डिब्बे से कर्मचारी की कोहनी पर वार किया। हमले में कर्मचारी के सिर, पीठ और गालों पर भी गंभीर चोटें आई हैं। घायल कर्मचारी को प्राथमिक उपचार दिया गया।
जबरन बंद किए चार फीडर
मारपीट के बाद उपद्रवियों ने कंट्रोल रूम के वीसीबी पैनल से छेड़छाड़ की और 33 केवी जबलपुर-2 फीडर को जबरन बंद कर दिया। इसके चलते यू-1, यू-2, यू-3 और यू-4 फीडरों से जुड़ी बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इससे उखरी क्षेत्र सहित आसपास के इलाकों के करीब 10 हजार उपभोक्ताओं को अंधेरे में रहना पड़ा।
20 मिनट तक ब्लैकआउट
घटना के बाद करीब 20 मिनट तक पूरा इलाका ब्लैकआउट की स्थिति में रहा। बाद में घायल कर्मचारी ने हिम्मत जुटाकर बिजली व्यवस्था बहाल की।
आरोपी भागे, पुलिस जांच में जुटी
उपद्रव के बाद आरोपी मौके से विजय नगर डिवीजन कार्यालय की ओर भाग निकले। सूचना मिलते ही पुलिस और बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे।पीडि़त कर्मचारी की शिकायत पर कोतवाली थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।सरकारी बिजली उपकेंद्र में घुसकर हमला, तोडफ़ोड़ और बिजली सप्लाई बाधित करने जैसी घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर इतने संवेदनशील स्थल पर सुरक्षा इंतजाम इतने कमजोर क्यों हैं?
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