इंदौर। इंदौर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उस समय अजीब स्थिति बन गई, जब प्रदेश के जल संसाधन मंत्री और तुलसीराम सिलावट (Tulsiram Silawat) से बीजेपी विधायक चिंतामन मालवीय (Chintamani Malviya) और रीना बोरासी विवाद को लेकर सवाल पूछ लिया गया। सवाल सुनते ही मंत्री का जवाब उलझता नजर आया और मंच पर मौजूद नेताओं को बीच में हस्तक्षेप करना पड़ा।
इसके बाद मंत्री सिलावट ने अपने बयान को संभालने की कोशिश की, लेकिन वह स्पष्ट जवाब देने से बचते नजर आए। पहले उन्होंने कहा कि “यदि आरोप लगाए गए हैं तो उनकी जांच होगी और सच सामने आएगा।” हालांकि कुछ ही देर बाद उन्होंने आरोपों को “बेबुनियाद” बताते हुए विधायक मालवीय के कदम को उचित ठहराया।
वहीं विधायक मालवीय ने आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए रीना बोरासी को 10 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा है। नोटिस में सात दिन के भीतर आरोपों से जुड़े प्रमाणित दस्तावेज पेश करने को कहा गया है। ऐसा नहीं करने पर कानूनी और आपराधिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मंत्री सिलावट के बदले-बदले बयानों का वीडियो अब सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है और विपक्ष इस मुद्दे पर बीजेपी को घेरने की कोशिश कर रहा है।
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