img-fluid

AI पर चीन को घेरने की तैयारी में भारत-अमेरिका, सहयोग बढ़ाएंगे, जानें सब कुछ

May 09, 2026

नई दिल्ली. भारत (India) और अमेरिका (US ) के बीच कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और उभरती तकनीकों को लेकर सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। इसी बीच अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि AI जैसी अत्याधुनिक तकनीकों की पूरी क्षमता हासिल करने के लिए भारत और अमेरिका को खुलेपन के सिद्धांतों पर आगे बढ़ना होगा और विरोधी देशों पर किसी भी प्रकार की तकनीकी निर्भरता से बचना होगा।

अमेरिकी विदेश विभाग की डिप्टी असिस्टेंट सेक्रेटरी बेथानी मॉरिसन ने शुक्रवार को आयोजित यूएस-इंडिया एआई एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजी फोरम को संबोधित करते हुए यह बात कही। इस कार्यक्रम का आयोजन यूएस-इंडिया एआई और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी फोरम की ओर से किया गया था।


  • इंड-पैसिफिक को विश्वस्तरीय तकनीक की मिले पहुंच
    बेथनी मॉरिसन ने कहा कि अमेरिका चाहता है कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के देशों को विश्वस्तरीय तकनीक तक पहुंच मिले और उसे समाज के विकास व लोगों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए इस्तेमाल किया जाए। उन्होंने कहा कि AI तकनीक में अपार संभावनाएं हैं, लेकिन इसके लाभ पूरी तरह तभी मिल सकते हैं जब देश खुले और सुरक्षित तकनीकी ढांचे पर काम करें।
    विरोधी देशों पर निर्भरता से बचें
    उन्होंने कहा कि हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारी तकनीकी साझेदारी सुरक्षा, इंटरऑपरेबिलिटी और भरोसेमंद आपूर्ति श्रृंखला पर आधारित हो। साथ ही हमें विरोधी देशों पर निर्भरता से बचना होगा।

    एआई के क्षेत्र में कितना हुआ निवेश?
    मॉरिसन ने AI क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहे निवेश का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि साल 2026 की पहली तिमाही में निजी क्षेत्र ने AI तकनीकों के विकास में 300 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश किया है, जिसमें आधे से अधिक निवेश अमेरिकी कंपनियों द्वारा किए गए हैं।

    भारत की हुई सराहना
    उन्होंने भारतीय कंपनियों की भी सराहना करते हुए कहा कि भारत की कंपनियां AI और उभरती तकनीकों के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने बताया कि इसी सप्ताह आयोजित सेलेक्टयूएसए इन्वेस्टमेंट समिट में भारतीय कंपनियों ने 1.1 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की है, जो दोनों देशों के बीच मजबूत होते तकनीकी और आर्थिक रिश्तों का संकेत है।

    अमेरिकी अधिकारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि भारत सरकार साफ तौर पर समझती है कि AI तकनीक का इस्तेमाल दोनों देशों की समृद्धि और विकास के लिए होना चाहिए, लेकिन साथ ही इससे जुड़े सुरक्षा खतरों को लेकर भी सतर्क रहना जरूरी है।

    बेथनी मॉरिसन ने कहा कि अमेरिका और भारत तकनीकी नवाचार के अगले दौर में एक मजबूत साझेदार के रूप में उभर रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों देश मिलकर AI के भविष्य को दिशा देंगे और वैश्विक स्तर पर नई तकनीकी नेतृत्व क्षमता विकसित करेंगे।

    Share:

  • चतुर्मास में इस साल पड़ेंगे कई बड़े व्रत-त्यौहार..... जानिए कब होगी इसकी शुरुआत?

    Sat May 9 , 2026
    नई दिल्ली। चातुर्मास (Chaturmas 2026) देवशयनी एकादशी (Devshayani Ekadashi) से प्रारंभ होता है और देवउठनी एकादशी पर समाप्‍त होता है. इन 4 महीनों में रक्षाबंधन, जन्‍माष्‍टमी, गणेशोत्‍सव, शारदीय नवरात्रि, दशहरा, दिवाली जैसे बड़े त्‍योहार पड़ेंगे. साथ ही सावन महीना भी आएगा। इस साल चातुर्मास 25 जुलाई 2026 को देवशयनी एकादशी से प्रारंभ होगा और 20 […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved