
डेस्क: भारत के निजी क्षेत्र के बड़े बैंकों में शामिल Axis Bank ने अपने करेंट अकाउंट ग्राहकों के लिए एआई आधारित कंप्लायंस ट्रांसफॉर्मेशन सॉल्यूशंस का नया सेट लॉन्च किया है. बैंक का कहना है कि इन नई सेवाओं का उद्देश्य जटिल और समय लेने वाली नियामकीय प्रक्रियाओं को आसान, तेज़ और पूरी तरह डिजिटल बनाना है.
बैंक ने दो प्रमुख सेवाएं पेश की हैं, जिनमें एआई आधारित री-केवाईसी समाधान और डिजिटल बिज़नेस प्रोफाइल अपडेट सेवा शामिल है. इन दोनों सेवाओं को इस तरह तैयार किया गया है कि ग्राहकों को बिना शाखा जाए और बिना कागजी कार्रवाई के तेज़ अनुपालन सुविधा मिल सके.
नई डिजिटल बिज़नेस प्रोफाइल अपडेट सेवा के जरिए करेंट अकाउंट ग्राहक अपने व्यवसाय से जुड़ी जानकारी, जैसे बिज़नेस की प्रकृति और अन्य विवरण, पूरी तरह ऑनलाइन अपडेट कर सकेंगे. यह सिस्टम जेनरेटिव एआई और रियल-टाइम जीएसटी फाइलिंग डेटा का इस्तेमाल करता है. इसके जरिए 3,000 से अधिक विकल्पों में से सही बिज़नेस कोड का स्वतः चयन किया जाता है. इससे मैनुअल डेटा एंट्री, लंबी प्रक्रिया और शाखा जाने की आवश्यकता खत्म हो जाती है.
बैंक के अनुसार यह नई सेवा ग्राहकों को आसान डिजिटल अनुभव देने के साथ-साथ परिचालन टीमों का काम भी कम करेगी. इससे डेटा एंट्री में गलतियां घटेंगी और प्रोसेसिंग तेज़ होगी. बैंक ने बताया कि जीएसटी डेटा के साथ बड़े स्तर पर लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) का यह शुरुआती उपयोग है, जिसका मकसद कंप्लायंस नियंत्रण को मजबूत बनाना और कार्यक्षमता बढ़ाना है.
Axis Bank ने गैर-व्यक्तिगत करेंट अकाउंट ग्राहकों के लिए एआई आधारित री-केवाईसी समाधान भी लॉन्च किया है. पहले यह प्रक्रिया पूरी तरह मैनुअल थी, जिसमें कई दस्तावेज़ जमा करने पड़ते थे और त्रुटियों की संभावना अधिक रहती थी. अब नया सिस्टम एक ही पीडीएफ में मौजूद कई केवाईसी दस्तावेज़ों की पहचान कर उन्हें स्वतः निकालता और सत्यापित करता है. यदि कोई दस्तावेज़ अधूरा हो या डेटा में कमी हो, तो सिस्टम तुरंत अलर्ट देता है. इससे बाद में होने वाली जांच और फॉलो-अप की जरूरत काफी कम हो जाती है.
बैंक के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक नई प्रणाली से दोबारा काम करने की जरूरत घटी है और प्रक्रिया पूरी होने का समय कम हुआ है. साथ ही शाखा और ऑपरेशन टीमों की उत्पादकता में भी सुधार देखने को मिला है. बैंक का मानना है कि इससे फर्स्ट टाइम राइट प्रदर्शन बेहतर होगा और पूरे नेटवर्क में मजबूत कंप्लायंस सिस्टम तैयार किया जा सकेगा.
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved