
नई दिल्ली । कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Congress MP Rahul Gandhi) ने कहा कि देश चलाना अब (Running the Country now ) पीएम मोदी के बस की बात नहीं रही (Is no longer within PM Modi’s Power) । उन्होंने पीएम मोदी के कुछ बयानों को लेकर तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री हर बार जिम्मेदारी जनता पर डाल देते हैं।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोमवार को एक्स पोस्ट में लिखा कि पीएम मोदी ने 10 मई को जनता से त्याग मांगे। सोना मत खरीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम जलाओ, खाद और खाने का तेल कम करो, मेट्रो में चलो, घर से काम करो। ये उपदेश नहीं-ये नाकामी के सबूत हैं। 12 साल में देश को इस मुकाम पर ला दिया है कि जनता को बताना पड़ रहा है-क्या खरीदे, क्या न खरीदे, कहां जाए, कहां न जाए। हर बार जिम्मेदारी जनता पर डाल देते हैं, ताकि खुद जवाबदेही से बच निकलें। देश चलाना अब पीएम मोदी के बस की बात नहीं रही ।
बताते चलें कि हैदराबाद में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा था कि आज दुनिया आर्थिक उथल-पुथल, सप्लाई चेन में व्यवधान और अंतरराष्ट्रीय संघर्षों से जूझ रही है, जिसका असर बढ़ती महंगाई के रूप में सामने आ रहा है। ऐसे समय में भारत को मजबूत बनाए रखने के लिए सामूहिक भागीदारी बेहद जरूरी है। प्रधानमंत्री ने देशभक्ति की परिभाषा को व्यापक बताते हुए कहा कि यह केवल देश के लिए बलिदान देने तक सीमित नहीं है बल्कि कठिन समय में अनुशासित और जिम्मेदार जीवन जीना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपनी दैनिक आदतों में बदलाव लाकर देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती दें। उन्होंने लोगों से एक साल तक गैरजरूरी सोने की खरीदारी से बचने का आग्रह किया, ताकि विदेशी मुद्रा के अनावश्यक बहिर्वाह को रोका जा सके। साथ ही, उन्होंने पेट्रोल और डीजल के संयमित उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि तेल की बचत से देश की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी। पीएम मोदी ने ईंधन की खपत कम करने के लिए कई सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि जहां संभव हो, वहां मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। निजी वाहनों के इस्तेमाल के दौरान कार पूलिंग अपनाएं। माल ढुलाई के लिए रेल परिवहन को प्राथमिकता दें और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा दें।
प्रधानमंत्री ने कोविड-19 महामारी के दौरान अपनाए गए कार्यकुशल उपायों को दोबारा लागू करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन कॉन्फ्रेंस और वर्चुअल बैठकों जैसी व्यवस्थाएं न केवल समय और संसाधनों की बचत करती हैं बल्कि ईंधन की खपत भी कम करती हैं। उन्होंने नागरिकों से अनावश्यक विदेश यात्राओं, विदेशों में छुट्टियां मनाने और विदेश में आयोजित होने वाले समारोहों से बचने की अपील की। इसके बजाय देश के भीतर पर्यटन और उत्सव मनाने को प्राथमिकता देने का सुझाव दिया, जिससे घरेलू अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिले। प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से रोजमर्रा के उपयोग की वस्तुओं जैसे जूते, बैग और अन्य सामान के लिए स्थानीय और ‘मेड-इन-इंडिया’ उत्पादों को अपनाने का आग्रह किया।
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