
जयपुर । पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Former Chief Minister Ashok Gehlot) ने कहा कि राजस्थान सरकार (Rajasthan Government) ने नीट-यूजी 2026 परीक्षा के पेपर लीक (NEET-UG 2026 Exam Paper Leak) की सच्चाई दो हफ्ते तक छिपाई (Hid the Truth for Two Weeks) ।
उन्होंने नीट-यूजी 2026 परीक्षा रद्द होने और इसकी जांच सीबीआई को सौंपे जाने के बाद राजस्थान सरकार पर पेपर लीक की जानकारी जानबूझकर छिपाने और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने के गंभीर आरोप लगाए । विपक्षी खेमे और छात्र संगठनों की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा परीक्षा रद्द करने और सीबीआई जांच की सिफारिश करना युवाओं के हित में एक साहसिक निर्णय है। यह कदम इस बात की पुष्टि करता है कि परीक्षा में बड़े स्तर पर धांधली और गड़बड़ी हुई थी, जिसे झुठलाया नहीं जा सकता। राजस्थान की वर्तमान भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा गया है कि सरकार ने पिछले दो सप्ताह से पेपर लीक के इन तथ्यों को दबाने की कोशिश की।
सरकार की मंशा अपनी छवि बचाने की थी, जिसके कारण मामले में तुरंत एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई। सरकार पर आरोप लगाया गया है कि इससे पहले कर्मचारी चयन बोर्ड में हुए ओएमआर शीट घोटाले को भी इसी तरह छिपाने का प्रयास किया गया था। यह भी तर्क दिया गया कि पूर्व के मामलों में सरकार की लचर पैरवी के कारण मुख्य आरोपियों को आसानी से जमानत मिल गई, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।
बयान में तीखी टिप्पणी करते हुए कहा गया कि अब जब सीबीआई जांच के आदेश हो चुके हैं, तब सच्चाई सबके सामने है और भाजपा सरकार का ‘युवा विरोधी’ चेहरा बेनकाब हो गया है। पेपर लीक की सूचना के बावजूद चुप्पी साधे रखना लाखों परीक्षार्थियों के साथ विश्वासघात है। युवाओं और विपक्षी नेताओं ने मांग की है कि सीबीआई इस मामले की समयबद्ध जांच करे ताकि पर्दे के पीछे बैठे ‘असली मगरमच्छों’ को सलाखों के पीछे भेजा जा सके और पारदर्शी तरीके से दोबारा परीक्षा आयोजित हो।
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