
कोलकाता। पश्चिम बंगाल (West Bengal) की सत्ता में आते ही शुभेन्दु (Shubhendu) सरकार ने उत्तरप्रदेश (Uttar Pradesh) की तर्ज पर ऐलान किया है कि राज्य में अब न सड़कों पर नमाज (street prayers) होगी और न ही लाउडस्पीकरों (loudspeakers) का शोर सुनाई देना चाहिए।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने आईपीएस अधिकारियों के साथ अपनी पहली इस बैठक में राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर करीब एक दर्जन सख्त निर्देश जारी किए और साफ निर्देश दिया कि किसी भी धार्मिक स्थल पर बजने वाले लाउडस्पीकर की आवाज उस परिसर से बाहर नहीं जानी चाहिए। इसके साथ ही विशेष अवसरों को छोड़कर प्रार्थना या नमाज के लिए सड़कों को जाम करने और आम लोगों को असुविधा पहुंचाने पर भी पूरी तरह से रोक लगाई जाए।
सरकार बदलते ही सुर बदले…
नाखोदा मस्जिद के ट्रस्टी नासिर इब्राहिम ने फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि कानून का पालन करने वाले एक नागरिक के तौर पर हम सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हैं कि नमाज के चलते सड़कें जाम नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने महिला सुरक्षा और राज्य में चुनाव के बाद होने वाली हिंसा, गुंडागर्दी व रंगदारी पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का सख्त निर्देश दिया है।
रेप केस खोले जाएंगे
महिलाओं के खिलाफ हुए अपराध, खासकर 2021 और 2024 के चुनाव के बाद दर्ज हुए रेप, रेप के प्रयास और छेड़छाड़ के मामलों को फिर से खोला जाएगा। इस दौरान कई महिलाओं पर अत्याचार की घटनाएं सामने आई थी, जिनमें से कई महिलाएं भाजपा से जुड़ी हुई थीं। वर्तमान में चुनाव के बाद हुई हिंसा के 1,300 से अधिक मामले जांच के दायरे में हैं, साथ ही अवैध हथियारों की बरामदगी तेज करने और सांप्रदायिक हिंसा भड़काने वालों के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में केस दर्ज कर गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने गौ तस्करी, अवैध खनन और ट्रैफिक को लेकर भी कड़े फैसले लिए।
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