
नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मंगलवार को सर्वोदय को-ऑपरेटिव बैंक (Sarvodaya Co-operative Bank) का लाइसेंस रद्द (License Revoked) कर दिया. इसके पीछे उसने अपर्याप्त पूंजी, कमाई की खराब संभावनाएं और बैंकिंग रेगुलेशनल एक्ट के प्रावधानों का पालन न करना जैसे कारण बताए. RBI ने कहा कि यह को-ऑपरेटिव बैंक 12 मई, 2026 से बैंकिंग कारोबार करना बंद कर देगा. महाराष्ट्र के सहकारिता आयुक्त और सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार से भी अनुरोध किया गया है कि वे बैंक को बंद करने का प्रोसेस शुरू करें और एक लिक्विडेटर नियुक्त करें.
क्यों लिया आरबीआई ने एक्शन
RBI के अनुसार, बैंक के पास पर्याप्त पूंजी और कमाई की संभावनाएं नहीं थीं, और वह बैंकिंग रेगुलेशनल एक्ट के तहत कई रेगुलेटरी आवश्यकताओं का पालन करने में विफल रहा था. RBI ने आगे कहा कि बैंक को जारी रखना जमाकर्ताओं के हितों और जनहित के लिए हानिकारक होगा.
RBI ने कहा कि अपनी मौजूदा वित्तीय स्थिति को देखते हुए, बैंक अपने मौजूदा जमाकर्ताओं को पूरी राशि का भुगतान करने में असमर्थ होगा. उसने यह भी जोड़ा कि यदि बैंक को अपना बैंकिंग कारोबार आगे भी जारी रखने की अनुमति दी जाती है, तो जनहित पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा. लाइसेंस कैंसिल होने के बाद, बैंक पर तत्काल प्रभाव से बैंकिंग कारोबार करने, जिसमें जमा स्वीकार करना और उनका रीपेमेंट करना शामिल है, पर रोक लगा दी गई है.
5 लाख रुपए तक की राहत
RBI ने कहा कि जमाकर्ता, जमा बीमा और क्रेडिट गारंटी निगम (DICGC) से 5 लाख रुपए तक के जमा बीमा दावों को प्राप्त करने के हकदार होंगे. बैंक द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, सर्वसमावेशी निर्देश लागू होने की तारीख तक, लगभग 98.36 फीसदी जमाकर्ता DICGC से अपनी जमा राशि की पूरी रकम प्राप्त करने के पात्र थे. DICGC ने 31 मार्च, 2026 तक बीमित जमाओं के मद में पहले ही ₹26.72 करोड़ का भुगतान कर दिया था.
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