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दो भाइयों ने नीट का पेपर 30 लाख रुपये में खरीदा और उनके बेटों ने 150 छात्रों को 10-10 लाख रुपये में बेचा

May 15, 2026


जयपुर/सीकर । दो भाइयों ने नीट का पेपर 30 लाख रुपये में खरीदा (Two Brothers bought NEET Paper for Rs. 30 Lakh) और उनके बेटों ने 150 छात्रों को 10-10 लाख रुपये में बेचा (Their Sons sold it to 150 Students for Rs. 10 Lakh each) ।

  • देश की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट में पेपर लीक के काले खेल की परतें जैसे-जैसे खुल रही हैं, चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। इस पूरे प्रकरण में जयपुर के जमवारामगढ़ निवासी दो भाइयों—मांगीलाल बिंवाल और दिनेश बिंवाल ने अपने बेटों का इस्तेमाल बतौर ‘सप्लायर’ किया। इस मास्टरमाइंड परिवार ने नीट की तैयारी कर रहे छात्रों का एक बड़ा नेटवर्क तैयार कर करोड़ों रुपये का सौदा किया।

    एसओजी और सीबीआई की जांच में सामने आया है कि मांगीलाल का बेटा विकास और दिनेश का नाबालिग बेटा सीकर की एक निजी कोचिंग में नीट की तैयारी कर रहे थे। 26 अप्रैल को दोनों भाइयों ने 30 लाख रुपये में पेपर खरीदा और अगले ही दिन 27 अप्रैल को यह पेपर उनके बेटों तक पहुंच गया। विकास बिंवाल ने सीकर में अपने संपर्क के छात्रों की एक सूची बनाई और मोबाइल ऐप पर चैट ग्रुप के जरिए उन्हें जाल में फंसाया। भरोसे का खेल: छात्रों को विश्वास दिलाने के लिए विकास अपने पिता और चाचा की मंत्रियों, विधायकों और रसूखदार नेताओं के साथ तस्वीरें दिखाता था। वीडियो कॉल के जरिए अपना आलीशान फार्महाउस दिखाकर वह यह गारंटी देता था कि पेपर असली है।

    जांच एजेंसी एसओजी के पास ऐसे 150 छात्रों का विवरण है, जिन्हें यह पेपर बेचा गया था। एक पेपर के बदले छात्रों से 10 लाख रुपये वसूले गए। बताया जा रहा है कि यह लेनदेन मुख्य रूप से कैश में हुआ। फिलहाल सीबीआई इन सभी 150 छात्रों की भूमिका की जांच कर रही है और उनके खिलाफ भविष्य में सख्त कार्रवाई हो सकती है। पेपर लीक की भनक लगते ही SOG ने सीकर और जयपुर ग्रामीण में सर्च ऑपरेशन चलाया। सबसे पहले टीम सीकर में तैयारी कर रहे छात्र (विकास) तक पहुंची, जिसने पूछताछ में अपने पिता मांगीलाल और चाचा दिनेश का नाम उगल दिया।

    सीबीआई अब तक इस मामले में 7 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें राजस्थान के 4 आरोपी (मांगीलाल, दिनेश, विकास और यश यादव) शामिल हैं। अन्य गिरफ्तारियां महाराष्ट्र के नासिक और पुणे से हुई हैं। मुख्य आरोपी : यश यादव, जिसने कथित तौर पर 30 लाख में पेपर उपलब्ध कराया था। वर्तमान स्थिति : जयपुर कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड लेकर CBI इन आरोपियों को दिल्ली ले गई है, जहां उनसे आमने-सामने बिठाकर पूछताछ की जाएगी।

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