
उज्जैन। शहर सहित पूरे प्रदेश में पशु चिकित्सा एंबुलेंस सेवा 1962 वरदान साबित हो रही है। मई 2023 में शुरू हुई इस सेवा के अंतर्गत बीते 3 सालों में 20 हजार से ज्यादा पशुओं का इलाज किया जा चुका है। इसमें गाय, भैंस, कुत्ते, बिल्ली और अन्य पालतू जानवर शामिल है।
पशुपालन विभाग उज्जैन से मिली जानकारी के मुताबिक जिले में 8 पशु चिकित्सा एंबुलेंस 1962 संचालित हो रही हैं जो कॉल आने पर समय से घर पहुंच कर बीमार पशुओं का इलाज कर रही है। हर एंबुलेंस में एक डॉक्टर, एक पैरावेट और एक ड्राइवर आवश्यक मेडिकल किट और दवाओं के साथ तैनात है और सूचना मिलते ही मौके पर पहुँच कर इलाज करते हैं। इसके लिए कॉल करने वाले व्यक्ति या पशु मालिक को इलाज के एवज में महज 150 रुपए का शुल्क देना होता हैं। इस शुल्क के अलावा दवाईयों और इलाज का कोई पैसा नहीं लगता है। इसमें सामान्य सर्जरी तक की व्यवस्था शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि डायल 100 और 108 एंबुलेंस की तर्ज पर अब पशुओं के लिए इलाज के लिए एक फोन कॉल पर घर बैठे वाहन उपलब्ध हो रहा। इतना ही 108 एंबुलेंस की तुलना में पशुओं के इलाज के लिए शुरु की गई ये सेवा इस मायने में अलग है कि इस वाहन में वे सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं है, जिससे मौके पर ही बीमार या घायल गाय और सभी मवेशी तथा अन्य पशुओं का इलाज किया जा सके।
श्वान और बिल्ली के इलाज पर रजिस्ट्रेशन फीस ज्यादा
उज्जैन जिले को पशु एंबुलेंस सेवा 1962 की सौगात मई 2023 में मिली थी। इसके द्वारा पशुपालक घर बैठे अपने बीमार पशुओं का इलाज कर रहे हैं। एंबुलेंस से इलाज करवाने की एवज में पशु पालिक को गाय, भैंस, बकरी, घोड़ा जैसे जानवरों के लिए 150 रुपए का शुल्क चुकाना पड़ता है। वहीं श्वान और बिल्ली के इलाज लिए पशु पालिक को 300 रु का शुल्क अदा करना पड़ता हैं। इस सेवा के माध्यम से बीते एक साल में विभाग ने 12 लाख 58 हजार रुपए भी कमाए हैं।
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