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अमिताभ बच्चन की मल्टी-रोल फिल्म क्यों नहीं चली? जानें दिलचस्प कहानी

May 21, 2026

नई दिल्ली। बॉलीवुड (Bollywood)के महानायक अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan)ने अपने करियर (career)में कई यादगार और प्रयोगात्मक किरदार निभाए हैं, लेकिन उनकी एक फिल्म ऐसी भी रही जिसमें उन्होंने एक नहीं बल्कि तीन-तीन भूमिकाएं निभाईं। यह फिल्म थी साल 1983 में रिलीज हुई ‘महान’, जिसे भले ही आज एक दिलचस्प कॉन्सेप्ट वाली फिल्म माना जाता है, लेकिन रिलीज के समय यह बॉक्स ऑफिस पर उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी और फ्लॉप साबित हुई।

इस फिल्म की खास बात यह थी कि अमिताभ बच्चन ने इसमें एक साथ पिता और दो बेटों का किरदार निभाया था। उन्होंने राणा रणवीर, गुरु और इंस्पेक्टर शंकर जैसे तीन अलग-अलग रोल निभाए, जो कहानी को एक अनोखा मोड़ देते हैं। हर किरदार का अलग स्वभाव और अलग अंदाज दर्शकों को एक नया अनुभव देने की कोशिश करता है, लेकिन इसके बावजूद फिल्म दर्शकों को थिएटर तक खींचने में सफल नहीं हो पाई।

‘महान’ की कहानी एक एक्शन-थ्रिलर फैमिली ड्रामा के रूप में पेश की गई थी, जिसका निर्देशन एस. रामनाथन ने किया था, जबकि इसकी पटकथा मशहूर लेखक कादर खान ने लिखी थी। फिल्म में सिर्फ अमिताभ बच्चन ही नहीं बल्कि उस दौर के कई बड़े सितारे भी नजर आए थे, जिनमें जीनत अमान, अशोक कुमार, वहीदा रहमान, परवीन बाबी, अमजद खान, अरुणा ईरानी और शक्ति कपूर जैसे नाम शामिल थे। इतनी बड़ी स्टारकास्ट के बावजूद फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी।

रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म का बजट लगभग 2.50 करोड़ रुपये था, जबकि इसने भारत और विदेशों से मिलाकर करीब 4.1 करोड़ रुपये की कमाई की थी। हालांकि कमाई हुई, लेकिन लागत और उम्मीदों के मुकाबले यह प्रदर्शन कमजोर रहा, जिसके कारण इसे फ्लॉप फिल्मों की श्रेणी में रखा गया।

रोचक बात यह भी है कि इस फिल्म के लिए पहली पसंद जीतेंद्र थे। कहा जाता है कि किसी कारणवश जब जीतेंद्र उपलब्ध नहीं हो सके, तब उनके अनुरोध पर यह फिल्म अमिताभ बच्चन के हिस्से आई और उन्होंने इस चुनौतीपूर्ण डबल से भी ज्यादा ट्रिपल रोल को स्वीकार किया।


  • आज के समय में ‘महान’ को एक प्रयोगात्मक फिल्म के रूप में देखा जाता है, जिसमें अमिताभ बच्चन की अभिनय क्षमता का अलग ही रूप देखने को मिलता है। फिल्म की IMDb रेटिंग 6 के आसपास बताई जाती है और यह आज भी ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर देखी जा सकती है।

    हालांकि बॉक्स ऑफिस पर यह फिल्म सफल नहीं हो सकी, लेकिन अमिताभ बच्चन के करियर में यह फिल्म उनके उस दौर की याद दिलाती है जब वे लगातार नए और चुनौतीपूर्ण किरदारों के साथ प्रयोग कर रहे थे और अपने अभिनय से इंडस्ट्री में एक अलग पहचान बना रहे थे।

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