
नई दिल्ली. भारत सरकार (Government of India) के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (Directorate General of Health Services) के तहत आने वाले केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने एक जरूरी सार्वजनिक सूचना जारी की है। इसमें कॉस्मेटिक उत्पादों (Cosmetic Product) के गलत इस्तेमाल को लेकर सख्त चेतावनी दी गई है।
नोटिस में साफ कहा गया है कि कॉस्मेटिक उत्पादों का इस्तेमाल कभी भी इंजेक्शन के रूप में नहीं किया जा सकता। ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के अनुसार, कॉस्मेटिक का मतलब ऐसी चीजों से है जिन्हें शरीर पर रगड़ा, डाला, छिड़का या लगाया जाता है। इनका मकसद शरीर की सफाई करना, सुंदरता बढ़ाना या रूप को आकर्षक बनाना होता है। कॉस्मेटिक उत्पादों की बिक्री और वितरण ‘कॉस्मेटिक नियम 2020’ के तहत नियंत्रित होते हैं।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जो उत्पाद इंजेक्शन के रूप में दिए जाते हैं, वे कॉस्मेटिक की श्रेणी में नहीं आते। कोई भी ग्राहक, पेशेवर व्यक्ति या ब्यूटी क्लिनिक किसी भी कॉस्मेटिक को इंजेक्शन की तरह इस्तेमाल नहीं कर सकता। कॉस्मेटिक केवल बाहरी इस्तेमाल के लिए होते हैं।
लेबलिंग को लेकर भी कड़े नियम बताए गए हैं। कोई भी कॉस्मेटिक कंपनी अपने उत्पाद को लेकर झूठे या भ्रामक दावे नहीं कर सकती। साथ ही, कोई भी व्यक्ति कंपनी के कंटेनर या लेबल पर लिखी जानकारी को बदल नहीं सकता और न ही उसे मिटा सकता है।
नियमों के अनुसार, कॉस्मेटिक उत्पादों में प्रतिबंधित सामग्री का इस्तेमाल करना, लेबल पर गलत जानकारी देना या इनका उपयोग किसी बीमारी के इलाज के लिए करना कानून का उल्लंघन माना जाएगा। अगर कोई कॉस्मेटिक को इंजेक्शन के जरिए शरीर में डालता है, तो उस पर भी कानूनी कार्रवाई होगी।
ड्रग कंट्रोलर जनरल ने जनता से अपील की है कि अगर वे कहीं भी नियमों का ऐसा उल्लंघन देखें, तो इसकी जानकारी तुरंत अधिकारियों को कर सकते हैं या राज्य की लाइसेंसिंग अथॉरिटी को बता सकते हैं। यह नोटिस सभी ग्राहकों, निर्माताओं और ब्यूटी एक्सपर्ट्स के लिए जारी किया गया है।
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