
नई दिल्ली. पूर्व पीएम (former PM) राजीव गांधी (Rajiv Gandhi) की आज 35वीं पुण्यतिथि (death anniversary) है. पुण्यतिथि के मौके पर लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने अपने बचपन की एक तस्वीर शेयर करते हुए लिखा कि पापा, आपने जिस कुशल, समृद्ध और मजबूत भारत का सपना देखा था, उसे साकार करने की जिम्मेदारी मैं पूरी करूंगा. आपकी सीख, आपके संस्कार और आपकी यादें हमेशा मेरे साथ रहेंगी. इसके अलावा सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कांग्रेस के सीनियर नेताओं ने भी दिल्ली में राजीव गांधी की समाधि वीर भूमि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी. श्रद्धांजलि समारोह में प्रियंका गांधी के बच्चे मिराया और रेहान वाड्रा भी मौजूद थे.
पापा, आपने जिस कुशल, समृद्ध और मजबूत भारत का सपना देखा था, उसे साकार करने की जिम्मेदारी मैं पूरी करूंगा।
आपकी सीख, आपके संस्कार और आपकी यादें हमेशा मेरे साथ रहेंगी। pic.twitter.com/uToSqMGdY3
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 21, 2026
आगे लिखा राजीव जी ने समाज के हर वर्ग के कल्याण को केंद्र में रखकर अपने कार्यकाल में अनेक दूरगामी नीतियों की आधारशिला रखी. नई शिक्षा नीति, नई स्वास्थ्य नीति, आवास नीति और सिंचाई नीति जैसे महत्वपूर्ण कदमों ने विकास को नई दिशा प्रदान की. उन्होंने पेयजल, टीकाकरण, साक्षरता, बाढ़ नियंत्रण, खाद्य तेल, दुग्ध उत्पादन और दूरसंचार जैसे क्षेत्रों में टेक्नोलॉजी मिशन प्रारंभ कर भारत को आत्मनिर्भर और आधुनिक बनाने का मार्ग प्रशस्त किया, उनकी सोच केवल वर्तमान तक सीमित नहीं थी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भारत को गढ़ने की थी.
कांग्रेस के सीनियर नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा ने राजीव गांधी को युवाओं के लिए उम्मीद का प्रतीक बताया और कहा कि गांधी परिवार ने पीढ़ियों से देश के लिए कुर्बानी दी है. उन्होंने लिखा कि राजीव गांधी की हत्या से पहले वह फिर से PM बनने वाले थे, वह भारत के लिए वह सब कुछ कर रहे थे जो वह कर सकते थे. वह भारतीय युवाओं के लिए उम्मीद के प्रतीक थे, जो उनसे प्रेरणा लेते थे.
कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने भी साइंस, टेक्नोलॉजी और युवाओं को मजबूत बनाने के लिए राजीव गांधी के विजन की तारीफ की. गहलोत ने कहा कि राजीव गांधी उस जमाने में 21वीं सदी के बारे में बात करने वाले पहले व्यक्ति थे. उनका मानना था कि लोगों को नई सदी के लिए खुद को तैयार करना चाहिए, जो भारत को दुनिया के दूसरे देशों के बराबर रखेगी. राजीव गांधी 1984 में अपनी मां और उस समय की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद 40 साल की उम्र में भारत के सबसे युवा प्रधानमंत्री बने थे. वे 1989 तक प्रधानमंत्री रहे और 1991 में तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में एक चुनावी रैली के दौरान लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम के एक सुसाइड बॉम्बिंग में उनकी हत्या कर दी गई.
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