
डेस्क। आज आईपीएल का एक और अहम मुकाबला होने जा रहा है। लीग फेज समाप्त होने के बाद अब प्लेऑफ की बारी है, जिसके मैच अब होने जा रहे हैं। आज पहला क्वालीफायर मैच खेला जाएगा। जो भी टीम इस मैच में जीतेगी, सीधे फाइनल में चली जाएगी, लेकिन हारने वाली टीम भी बाहर नहीं होगी। आखिर ऐसा क्यों है। इसके बारे में आपको जरूर जान लेना चाहिए।
दरअसल आईपीएल में लीग फेज के बाद जब प्लेऑफ शुरू होता है तो उसमें फाइनल सहित कुल मिलाकर चार मैच खेले जाते हैं। वैसे आपको बता दें कि आईपीएल में प्लेऑफ के मैच नॉकआउट नहीं होते हैं। यानी टीम हार जाए तो भी उसके आगे जाने की संभावना रहती है, लेकिन ऐसा केवल क्वालीफायर 1 में ही होता है। इसके बाद के मैच में जो टीम हारी उसकी कहानी खत्म हो जाती है। दरअसल आईसीसी टूर्नामेंट से आईपीएल के नियम थोड़े से अलग हैं। आईसीसी टूर्नामेंट में जो चार टीमें सेमीफाइनल में जाती हैं, उसमें पहले नंबर की टीम का मुकाबला चौथे नंबर की टीम से होता है, वहीं दूसरे और तीसरे स्थान पर रहने वाली टीमें आपस में भिड़ती हैं। लेकिन आईपीएल में कहानी कुछ और रहती है।
आईपीएल में पहले दो नंबर की टीमों के बीच पहला मैच खेला जाता है। जिसे क्वालीफायर 1 कहा जाता है। इसमें जो टीम जीत दर्ज करती है, वो फाइनल में चली जाएगी, लेकिन हारने वाली टीम के लिए मौक खत्म नहीं होता। उसके पास मौका है कि वो दूसरा क्वालीफायर खेले। दूसरे क्वालीफायर में पहले क्वालीफायर की हारने वाली टीम और एलिमिनेटर में जीत दर्ज करने वाली टीमों के बीच आमना सामना होता है। यानी पहले और दूसरे नंबर पर जो टीमें होती हैं, उनके पास फाइनल में जाने के दो चांस होते हैं। यही वजह है कि टीमें जब प्लेऑफ में अपनी जगह पक्की कर लेती हैं, उसके बाद वे टॉप 2 में फिनिश करने के बारे में सोचती हैं।
इंडियन प्रीमियर लीग में ऐसा नियम इसलिए रखा गया है, क्योंकि जो टीम लगातार अपने मैच जीतकर टॉप 2 में पहुंची है, ऐसा ना हो कि चौथे नंबर की टीम एक मैच में उसे हराकर बाहर कर दे। ऐसे में तो टीम के साथ भेदभाव हो जाएगा। इसीलिए ये निमय रखा गया है। यानी आज के मैच की बात की जाए तो आरसीबी और गुजरात टाइटंस के बीच मुकाबला खेला जाएगा। जो टीम जीतेगी, वो फाइनल में चली जाएगी, वहीं हारने वाली टीम को क्वालीफायर 2 खेलने का मौका मिलेगा।
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