
इंदौर। इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा गुलमोहर कॉम्प्लेक्स में विस्थापितों को बसाने के निर्णय के खिलाफ स्थानीय रहवासियों अध्यक्ष रौनक राय ने बताय ने मोर्चा खोल दिया है। सोमवार और मंगलवार को भारी संख्या में रहवासियों ने आईडीए कार्यालय और जनसुनवाई में पहुंचकर सीईओ परिक्षित झाडे व संभागायुक्त सुदामा खाडे को ज्ञापन सौंपा। रहवासियों का कहना है कि यदि प्राधिकरण ने अपनी मनमानी नहीं रोकी, तो वे चरणबद्ध तरीके से भूख हड़ताल और पुतला दहन जैसे उग्र प्रदर्शन करेंगे।
‘अमलतास’ का विकल्प, कानूनी पेच की आशंका
रहवासी संघ के अनुसार, एलआईजी श्रेणी के गुलमोहर कॉम्प्लेक्स में कुल 334 फ्लैट्स में से केवल 90 खाली हैं, जिनका आकार 667 वर्ग फीट है। इसके विपरीत, विस्थापित होने वाले परिवारों की संख्या 200 से अधिक है। ऐसे में सभी को यहाँ समायोजित करना असंभव है, जिससे भविष्य में कानूनी विवाद खड़ा होगा। रहवासियों ने विकल्प सुझाया कि पास ही नवनिर्मित अमलतास कॉम्प्लेक्स में 450 फ्लैट खाली पड़े हैं, जो 550 वर्ग फीट के हैं। यह बहुमंजिला इमारत पूरी तरह नई और खाली है, जो पुनर्वास के लिए हर लिहाज से उपयुक्त है। सीईओ ने इस सुझाव पर विचार करने का आश्वासन दिया है।
बुनियादी सुविधाओं और रख-रखाव पर सवाल
रहवासियों ने आईडीए पर घटिया निर्माण का आरोप लगाते हुए कहा कि कॉम्प्लेक्स में पहले से ही पानी की किल्लत है और लिफ्ट अक्सर बंद रहती है। प्राधिकरण न बिकने वाले फ्लैट्स विस्थापितों को देकर पीछा छुड़ाना चाहता है। इसके अलावा, विस्थापितों से हर महीने 1500-2000 रुपये का मेंटेनेंस शुल्क वसूलने और पानी की आपूर्ति बढ़ाने की गारंटी लेने को भी प्राधिकरण तैयार नहीं है।
राजनीतिक दबाव और नई परिपाटी का संकट
सूत्रों के अनुसार, सिंहस्थ के मद्देनजर एमआर-11 और एमआर-12 रोड के निर्माण के लिए क्षेत्रीय विधायक व मंत्री तुलसीराम सिलावट के दबाव में यह कार्रवाई की जा रही है। आरोप है कि मंत्री अपने समर्थकों को एलआईजी श्रेणी के बड़े फ्लैट दिलवाने के लिए आईडीए पर दबाव बना रहे हैं।
प्रशासनिक चिंता: जानकारों का मानना है कि अब तक विस्थापितों को केवल ईडब्ल्यूएस (EWS) श्रेणी के मकान ही दिए जाते रहे हैं। यदि गुलमोहर कॉम्प्लेक्स (LIG) में इन्हें बसाया गया, तो यह एक ऐसी नई परिपाटी होगी जिससे भविष्य में प्रदेश भर के विस्थापित बड़े फ्लैटों की मांग करने लगेंगे। यह स्थिति आगे चलकर राज्य की मोहन यादव सरकार के लिए बड़ा संकट खड़ी कर सकती है।
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